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तेरी-मेरी यारी सबसे प्यारी.. भावुक कर देगी अंकित और बेजुबान डैनी की कहानी, अब प्रशासन ने उठाई जिम्मेदारी

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तेरी-मेरी यारी सबसे प्यारी.. भावुक कर देगी अंकित और बेजुबान डैनी की कहानी, अब प्रशासन ने उठाई जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दस साल के अंकित और उसके बेजुबान दोस्त की खुले आसमान के नीचे सोते हुए फोटो वायरल हुई, तो दोनों की दोस्ती हर तरफ चर्चा का विषय बन गई। दोनों की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो प्रशासन ने अंकित को ढूंढते हुए उसके पास पहुंचा। अंकित की कहानी जानकर अधिकारी भी भावुक हुए बिना नहीं रह सके। आगे जाने कैसे एक दूसरे का सहारा बन गए अनाथ अंकित और बेजुबान श्वान डैनी:

शहर में घूमने वाले दस साल के बालक अंकित और उसके बेजुबान दोस्त श्वान (डैनी) की दोस्ती बेमिसाल है। बालक गुब्बारे बेच कर अपना और श्वान के खाने का प्रबंध करता है। सर्दी से पहले दोनों कहीं पर सो जाते थे। एक माह पहले गहरा बाग निवासी बुजुर्ग महिला शीला देवी ने उन्हें अपने मकान में पनाह दी। अनाथ बालक अंकित और उसके श्वान के बारे में जानकारी मिलने पर प्रशासन ने उनकी तलाश प्रारंभ की।

मंगलवार को प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन ने उन्हें तलाश लिया। बालक कल्याण समिति के समक्ष काउंसिंलिंग कराई गई। प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि बालक अपना नाम अंकित बताता है। मां भीख मांगती थी। प्रशासन दस साल के अनाथ अंकित का अभिभावक बनेगा। प्रशासन की ओर से उसका स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। साथ ही उसके बेजुबान श्वान दोस्त की भी देखरेख की जाएगी।

पिता जेल में बंद है, मगर उसका नाम पता नहीं है। पहले चाय की दुकान पर काम करता था, फिर गुब्बारे बेचने लगा। गुब्बारे बेचते हुए उसे श्वान मिला था, जो उसके साथ ही रहने लगा।
प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि बालक का स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जो पूरी तरह से स्वस्थ है। अब प्रशासन बालक अंकित का अभिभावक बन कर उसकी शिक्षा और भोजन आदि की व्यवस्था करेगा। उसके श्वान दोस्त की देखरेख भी की जाएगी।

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