डेंगू के डंक से बुझ गया इकलौता चिराग

सीएचएमओ को नहीं मालूम अब तक कितनी मौंते हुईं
जबलपुर,यभाप्र। नगर में डेंगू ने महामारी का रूप ले लिया । मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। पर स्वास्थ्य विभाग कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा। नगर निगम के प्रयासभी नाकाफी हो रहे हैं। आज सुबह फिर डेंगू के डंक ने एक घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया। इस तरह से पिठजे एक सप्ताह में डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 6 के करीब पहुंच चुका है । मंगलवार की सुबह बजरंग नगर माढ़ोताल निवासी स्व. सूरज ठाकुर के 20 वर्षीय पुत्र विकास ठाकुर को डेंगू के चलते एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी हालत बिगडऩे पर मेडीकल कालेज चिकित्सालय में भर्ती कराया गया पर डॉक्टरों के अथक प्रयास के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। विकास की मां एक निजी कंपनी में कार्यरत थी और पति के निधन के बाद वह बेटे को पढ़ाने से पीछे नहीं हट रही थी। विकास नचिकेता कालेज का छात्र था। मां का सपना था कि विकास पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी करे। पर उसका सपना आज टूट गया।
आज फिर एक छात्र की मौत से लोगों में दहशत बढ़ रही है। पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं हैं। अब तक 6 से ज्यादा मौते हो चुकी हैं पर सीएचएमओ डॉ एमएम अग्रवाल का कहना है कि अभी तक उनके पास डेंगू से हुई मौतों की जानकारी नहीं है। हम लोग बाकायदा चिन्हित क्षेत्रों में शिविर लगाकर दवाइयां बांट रहे हैं। दवा छिड़काव कर रहे हैं। पर हकहकत इसके उलट है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुूनिया और स्वाइन $फ्लू जैसी बीमारियों का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। ये बीमारियां सारे रिकार्ड तोड़ चुकी है। हर घर में लोग बीमारियों से पीडि़त हैं। जिला मलेरिया विभाग के अनुसार डेंगू पॉजीटिव के अब तक 500 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि अघोषित आंकड़ा 1000 से ऊपर जा पहुंचा है। डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के मरीज निजी अस्पतालों में भी इलाज करा रहे हैं। इतना ही नहीं कई से मरीज दूसरे बड़े शहरों में इलाज के लिए जा रहे हैं। इलाज के दौरान कई मरीजों की दूसरे शहरों से भी आमद हो रही हैं। वहीं बाहर के कई मरीजों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार बहुत से मामलों में प्राइवेट और बाहर शहरों से इलाज कराने वाले मरीजों की स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं है।








