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डायल 100 फिर वही सवाल…?

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जबलपुर। इस समय चुनावी सरगर्मियां शनै शनै जोर पकड़ रही हैं और इसमें सबसे ज्यादा व्यस्तता पुलिस कर्मियों की होने के बावजूद एक सवाल फिर उठ रहा है कि क्या चुनाव ड्यूटी में लगे दूसरे विभाग के कर्मचारियों की तरह उन्हें मानदेय मिलेगा या नहीं। इस बात को लेकर पुलिस मोहकमे में चर्चाओं का बाजार सरगर्म है। अभी तक होता यही रहा कि दूसरे विभाग के जिन कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगती थी उन्हें शासन की ओर से मानदेय दिया जाता था। लेकिन सबसे ज्यादा मशक्कत झेलने वाले पुलिस कर्मी अब तक मानदेय से वंचित हैं। एक बार फिर यह सवाल पुलिस मोहकमे में उठ रहा है कि क्या इस बार चुनाव ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को मानदेय मिलेगा या उन्हें फिर खाली हाथ ड्यूटी निभानी पड़ेगी। यहां यहभी उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा मशक्कत पुलिस को ही करनी पड़ती है।
कप्तान के अभिनव प्रयोग चर्चाओं में
पुलिस कप्तान अमित सिंह से नित नये सामने आने वाले अभिनव प्रयोग लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाकर जहां उन्होंने न केवल अपनी ड्यूटी निभायी बल्कि मानवता का परिचय भी दिया। इसी तरह गत दिवस नशे में धुत एक व्यक्ति को योगा कराकर उसे नशा मुक्त कर घर रवाना किया। अभी तक इस तरह के प्रयोग कम ही देखे जाते रहे हैं। कप्तान के इन प्रयोगों को लेकर चर्चाएं सरगर्म हैं।
मूल काम के लिए पुलिस के पास टाइम नहीं
चुनावी प्रक्रिया के चलते इस समय ज्यादातर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगी है। जिसके चलते उनके पास उनका मूल काम करने के लिए ही समय नहीं है। जिससे रूटीन वर्क प्रभावित हो रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस भाजपा और दूसरे राजनैतिक दलों के स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं जिसको लेकर पुलिस अभी से न केवल सतर्कता बरत रही है बल्कि गांव गांव फ्लैग मार्च तक कराने में पीछे नहीं हट रही।
चुनाव सेल तो पहले भी था
पुलिस कार्यालय में बनाये गए चुनाव सेल में इस समय लगभग सभी बाबुओं को काम पर लगा दिया गया है। हालांकि चुनाव सेल पूर्व चुनावों के दौरान भी बनता था लेकिन जैसी व्यस्तता वर्तमान में बाबुओं के बीच देखी जा रही है वह पहले कभी नजर नहीं आयी।

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