कटनी। निर्माणकार्यों की गुणवत्ता के लिए पहचाने जाने वाले रेलवे के निर्माणकार्य की गुणवत्ता से ठेकेदार न केवल खिलवाड़ करने लगे हैं बल्कि निर्माणकार्यों के लिए रेलवे की तय ड्राइंग व डिजाइन की अनदेखी करते हुए अपनी सहूलियत व बचत के हिसाब से निर्माण कार्य करने लगे हैं। इस बात के जीता जागता प्रमाण पहले गायत्रीनगर में दूसरे रेल अंडर पास के निर्माण में देखने का मिल चुका है और अब खिरहनी फाटक पर रेल ओवर ब्रिज के ठीक नीचे रेलवे के द्धारा कराए जा रहे रेल अंडर पास के निर्माण में देखने को मिल रहा है।
गुणवत्ता के लिए पहचाने जाने वाले रेलवे में उड़ रहीं गुणवत्ता की धज्जियां
क्षेत्रवासियों ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों से की जांच की मांग
इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि निर्माणकार्यों की गुणवत्ता व ड्राइंग डिजाइन से खिलवाड़ रेल अधिकारी की देखरेख में होता है। इसके बावजूद निर्माणकार्य की देखरेख करने वाले रेल अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्माण कार्य की सही रिपोर्ट देकर ऐसी लापरवाही को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। बहरहाल निर्माण कार्य में गुणवत्ता व ड्राइंग डिजाइन से खिलवाड़ के कारण गायत्रीनगर में नया रेल अंडर पास जीवन भर तिरछा रहेगा वहीं अब खिरहनी रेल ओवर ब्रिज के नीचे रेल अंडर पास के निर्माण की गुणवत्ता व ड्राइंग डिजाइन से खिलवाड़ के कारण यहां भी लोगों को हमेशा परेशानी होगी। बहरहाल खिरहनी रेल ओवर ब्रिज के नीचे कराए जा रहे रेल अंडरपास के निर्माण कार्य की गुणवत्ता व ड्राइंग डिजाइन से खिलवाड़ की शिकायतें सामने आने लगी हैं तथा परेशान लोग इसके निर्माण कार्य में की जा रही लापरवाही को लेकर न्यायालय की शरण तक में चले गए हैं लेकिन रेलवे के अधिकारी लोगों की परेशानी की परवाह किए बगैर रेल अंडरपास का निर्माण गुणवत्ता व ड्राइंग डिजाइन से खिलवाड़ करते हुए युद्धस्तर पर कराने पर आमदा हैं। रेल अंडरपास के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की देखरेख के लिए रेलवे के द्धारा नियुक्त अधिकारी को लोग परेशानी भी बता रहे हैं तथा गुणवत्ता में खिलवाड़ की शिकायतें भी कर रहे हैं लेकिन रेल अधिकारी का ध्यान लोगों की परेशानी पर कम तथा रेल अंडरपास के निर्माण कार्य जल्द पूर्ण होने पर ज्यादा है। रेल अधिकारी को लग रहा है कि कैसे भी करके रेल अंडर पास बन जाए और वो आमजनता के लिए जल्द खोल दिया जाए। एक बार लोग यहां से गुजरने लगे तो खुद परेशानी भूल जाएंगे। लगभग 3 करोड़ की अधिक लागत से बन रहे इस रेल अंडरपास के निर्माण कार्य की गुणवत्ता व ड्राइंग डिजाइन से खिलवाड़ की जांच कराई जाए तो कई खामियां उजागर होंगी और निर्माण कार्य की देखरेख के लिए नियुक्त रेल अधिकारी व निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले रेल ठेकेदार के बीच सांठगांठ का खुलासा हो सकता है।
ठेकेदार की मनमानी से चल रहा निर्माण
गौरतलब है कि कटनी-सतना रेलखंड पर खिरहनी रेल ओवर ब्रिज के नीचे रेल अंडर पास का निर्माणकार्य रेलवे के द्धारा ठेके पर कराया जा रहा है। जिसमें वहां निवास करने वाले लोग ठेकेदार पर मनमानी पूर्वक निर्माण करने का आरोप लगा रहे हैं। क्षेत्रीय निवासी रजनी वर्मा जो कि एप्रोच रोड के किनारे निवास करती हैं का कहना है कि रेल अंडर पास की तय ड्राइंग डिजाइन को दरकिनार कर ठेकेदार अपनी मनमर्जी से निर्माण कार्य कराए जा रहा है। खासकर रेल अंडरपास के शहर की ओर एप्रोच रोड के निर्माण में जमकर लापरवाही की जा रही। जिसकी वजह से क्षेत्रवासियों को भी परेशानी होगी। एप्रोच रोड के किनारे स्थित मकानों के अंदर बरसात में जल प्लावन की स्थिति निर्मित होगी। वहीं रेल अंडरपास के नीचे भी बरसात के मौसम में जल भराव होगा और वाहनों का आवागमन नहीं हो सकेगा। क्षेत्रवासियों ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं का ध्यान आकर्षित कराते हुए निर्माण कार्य का निरीक्षण कर उसका निर्माण रेलवे की ड्राइंग डिजाइन के अनुसार गुणवत्ता युक्त कराए जाने की मांग की है।
कमजोर लोहे की सरिया से हुई ढलाई
जानकार सूत्रों की माने तो अंडर पास में निर्माण के द्वारा मोटी लोहे की सरिया से एप्रोच सीमेंट्रेट दीवार को तैयार किया जाना चाहिए लेकिन ठेकेदार कंपनी द्वारा कम सूत की लोहे की सरिया से दीवार खींच दी गई हैं जो अलग ही नजर आती हैं। इसके अलावा अंडर पास में मोड दिया गया हैं जिससे सकरापन होने के कारण दो वाहन एक साथ नहीं निकल पायेगे और बारिश में लोगों को परेशानी का सामना तो करना ही पडेगा साथ ही लोग अंडरपास में भी जाम में फंसे रहेगें वहीं बारिश का पानी भरने पर निकासी की व्यवस्था नहीं हैं।
सड़क से ऊंचा स्लेप बनाने से होगी परेशानी
क्षेत्रवासियों की माने तो पुराने यातायात थाने के आगे अंडरपास के निर्माणाधीन स्थल पर गहरायी के लिए खुदाई तो की गई हैं लेकिन यहां ऊपर से स्लेप सडक के लेबल का नहीं बनाया जा रहा है जबकि सडक से और ऊंचा बनाने की तैयारी हैं जिससे सडक आसपास रहने वालों को तो परेशानी होगी साथ ही लोगों के आवागमन में असुविधा होगी। क्षेत्रीय लोगों ने रेलवे अधिकारियों से निर्माण कार्य की जांच के लिए मांग की हैं।

