टीडीपी के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे का बाद शाम को चंद्रबाबू नायडू पीएम मोदी से मिलने पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बात हुई. इस दौरान नायडू ने पीएम को समझाया कि आखिर टीडीपी एनडीए से अलग क्यों हो रही है? फिलहाल बातचीत की पूरी डिटेल नहीं मिली है.
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने से नाराज चल रही चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी (TDP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को ‘पहला झटका’ दे दिया है. गुरुवार को मोदी कैबिनेट में टीडीपी के दो मंत्रियों अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी ने पीएम मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.
2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन बना रहे, इसके लिए पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू से बात की. लेकिन, दोनों की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला. इस मीटिंग के बाद टीडीपी सांसद अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी ने पीएम को अपना इस्तीफा सौंप दिया.
टीडीपी के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे का बाद शाम को चंद्रबाबू नायडू पीएम मोदी से मिलने पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बात हुई. इस दौरान नायडू ने पीएम को समझाया कि आखिर टीडीपी एनडीए से अलग क्यों हो रही है? फिलहाल बातचीत की पूरी डिटेल नहीं मिली है.
आंध्र के लिए TDP की क्या है मांग? जिससे टूट रहा गठबंधन?
जेटली ने कहा- आंध्र को देंगे सिर्फ स्पेशल पैकेज
वित्त मंत्री जेटली ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार कर दिया था. जेटली ने कहा था कि आंध्र को सिर्फ स्पेशल पैकेज दिया जाएगा. साल 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव भी होने हैं. ऐसे में मोदी सरकार के अधूरे वादों को लेकर टीडीपी ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. जानें, आखिर टीडीपी की क्या-क्या मांगें हैं और जिसके पूरे नहीं होने से गठबंधन टूटने जा रहा है:-
g>आंध्र प्रदेश को लेकर टीडीपी की ये है मांग
– सीएम चंद्रबाबू नायडू की मांग है कि केंद्र पोलावरम परियोजना के लिए 58,000 करोड़ रुपये को तत्काल मंजूरी दे.
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अमरावती के विकास के लिए केंद्रीय बजट में पर्याप्त राशि सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है.
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चंद्रबाबू नायडू की मांग है कि पीएम मोदी और उनकी सरकार राज्य विधानसभा की सीटें 175 से बढ़ाकर 225 करने के लिए तत्काल कदम उठाएं.
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टीडीपी प्रमुख नायडु का कहना है कि राज्य के बंटवारे के कारण आंध्र को वित्त संकट का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बंटवारे के बाद कानून के तहत की गई प्रतिबद्धताओं को लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे दिक्कतें और बढ़ेंगी.
आंध्र प्रदेश विधानसभा का समीकरण
साल 2014 में हुए आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव बीजेपी और टीडीपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था. टीडीपी-एनडीए गठबंधन को 175 सीटों में 106 सीटों पर जीत मिली थी. इनमें से 102 सीटें टीडीपी को मिली, जबकि 4 सीटों पर कमल खिला था. वहीं, कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस को सिर्फ 67 सीटें हासिल हुई थी. बता दें कि मौजूदा वक्त में एनडीए सहयोगी टीडीपी के पास 15 सांसद हैं. मोदी कैबिनेट में टीडीपी के दो मंत्री हैं.
