
मुंबई. सप्ताह में कारोबार के पहले दिन भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुलने में कामयाब रहे। सेंसेक्स 1224 अंक और निफ्टी 362 पॉइंट ऊपर खुले। ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 2500 अंक पार कर गया। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स ने 2476.26 अंक या 8.97% ऊपर 30,067.21 पर और निफ्टी 708.40 पॉइंट या 8.76% ऊपर 8,792.20 का करोबार किया। 10 साल में ये एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है। इससे पहले शुक्रवार, 3 अप्रैल को बाजारों में गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स ने 591.07 अंक नीचे 27,674.24 पर और निफ्टी ने 170.00 पॉइंट नीचे 8,083.80 का करोबार खत्म किया था।
बीएसई सेंसेक्स में इस साल की 5 सबसे बड़ी उछाल
| तारीख | अंक | बंद |
| 7 अप्रैल, 2020 | 2,476 | 30,067 |
| 25 मार्च, 2020 | 1,862 | 28,536 |
| 24 मार्च, 2020 | 1,410 | 29,946 |
| 20 मार्च, 2020 | 1,627 | 29,915 |
| 31 मार्च, 2020 | 1,030 | 29,469 |
बाजार में बढ़त के प्रमुख कारण
- ऐसी खबरें हैं कि सरकार लॉकडाउन को समय पर हटा सकती है। अधिकारी ऐसी जगहों पर से लॉकडाउन हटाने का विचार कर रहे हैं जहां पर कोरोनावायरस का संक्रमण कम है। ऐसे में व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिल सकती है।
- भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के अमेरिका एक्सपोर्ट पर मुहर लगा दी। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन भारत में मलेरिया के इलाज की पुरानी और सस्ती दवा है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच देश के स्वास्थ्यकर्मी यह दवा एंटी-वायरल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते सरकार ने पिछले महीने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।
- भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा 1.3 अरब डॉलर (लगभग 10 हजार करोड़ रुपये) के निवेश की खबरों का भी घरेलू निवेशकों पर सकारात्मक असर पड़ा। दरअसल, विभिन्न क्षेत्रों में एफपीआई निवेश की सीमा को बढ़ा दिया गया है, जिसकी वजह से पैसिव फ्लो विदेशी निवेश में बढ़ोतरी होनी तय है।
- क्रूड प्रोडक्शन कट पर सहमति बनने के संकेत मिल रहे हैं. इस पर रूस और सऊदी अरब के बीच करार संभव है. एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कई देशों की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है.
बीएसई पर करीब 71 फीसदी कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही
- बीएसई का मार्केट कैप 116 लाख करोड़ रुपए रहा
- 2,576 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,842 कंपनियों के शेयर बढ़त में और 538 कंपनियों के शेयर में गिरावट रही
- 26 कंपनियों के शेयर 1 साल के उच्च स्तर और 189 कंपनियों के शेयर एक साल के निम्न स्तर पर रहे
- 459 कंपनियों के शेयर में अपर सर्किट और 203 कंपनियों के शेयर में लोअर सर्किट लगा








