भोपाल. कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्वीटर हैंडल पर अपना बायो (स्टेटस) बदल लिया है। उन्होंने पूर्व के सरकारी पदों और कांग्रेस का जिक्र हटाकर खुद को समाजसेवी और क्रिकेट प्रेमी बताया है।
गौरतलब है कि उन्होंने हाल में पीएम नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी इस खबर के बाद धारा 370 मसले पर भी खुल कर वह केन्द्र सरकार के साथ नजर आये थे। इधर सोशल मीडिया पर चर्चा है कि सिंधिया के साथ कुछ विधायक भी पीएम से मिले थे।
सिंधिया ट्वीटर हैंडल पर अपना स्टेटस बदलने की खबर सामने आने पर आई कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सिंधिया को वहां का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। सिंधिया को मध्य प्रदेश का कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उनके समर्थक मंत्री समय-समय पर करते आ रहे हैं। मध्य प्रदेश में भारी बारिश के दौरान चंबल इलाके में आई बाढ़ के बाद वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से मिले थे और प्रदेश सरकार से उन्हें जल्द राहत देने की बात कही थी। अक्टूबर में सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 4 पत्र लिखे थे, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद और प्रदेश की सड़कों की हालिया हालत पर काम करने की बात कही थी। वहीं नवंबर महीने में भी सिंधिया ने कमलनाथ को पत्र लिखते हुए दतिया के लोगों की समस्याओं के बारे में बताया था। लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री द्वारा इसका जबाव नहीं दिया गया।
दरअसल, बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही नाराज चल रहे हैं। प्रदेश में चुनाव से पहले सिंधिया को सामने रख चुनाव लड़ा गया था। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को बनाया गया। चुनाव में जैसे ही कांग्रेस को बहुमत मिला। कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनवा दिया। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सिंधिया प्रदेश की राजनीति से दूर हो गए थे।
इसके बाद अगस्त सिंतबर में एक बार फिर सिंधिया के अध्यक्ष बनने की अटकलें लगी। दिल्ली में उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोेनिया गांधी से मुलाकात हई। उस समय चर्चा थी कि सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की ओर एक बार फिर से प्रदेश कांग्रेस का फैसला टाल दिया गया। इस बीच प्रदेश में सिंधिया समर्थक मंत्री उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा सरकार के मंत्रियों को लिखे पत्र पर नाराजगी जताते हुए दिग्विजय सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए। मामला कांग्रेस की अनुशासन समिति तक पहुंचा और उसने उमंग सिंघार को दोषी माना है।
इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद ट्वीटर हैंडल पर अपना स्टेट्स बदला था। मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने कॉमन मैन कर लिया था।
