भोपाल। शराब माफिया अरोरा बंधुओं को शर्तों के साथ HC से जमानत मिल गई है।
33 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी के आरोप में जगदीश और अजय अरोरा गिरफ्तार थे।
इससे पहले 88 करोड़ के सैनिटाइजर निर्माण में 33 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के मामले में पिछले एक सप्ताह से जेल में बंद सोम ग्रुप के डायरेक्टर जगदीश अरोरा उनके भाई अजय अरोरा और कंपनी के विनय सिंह को राजधानी की सेशन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था।
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश आलोक अवस्थी ने जमानत नामंजूर करते हुए लिखा है कि केस डायरी के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि आवेदक अजय कुमार अरोरा एवं आवेदक जगदीश कुमार अरोरा द्वारा 1 अप्रैल 2009 को सोम डिस्टलरीज के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया गया था, परन्तु उक्त इस्तीफा दिखावटी था।
केस डायरी के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि अभियुक्तगण द्वारा ही संबंधित कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता के रूप में कंपनी का संचालन किया जा रहा था। कंपनी के कथित डायरेक्टर बिनय सिंह जो कक्षा 12 तक शिक्षित है, को लगभग 37 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन एक सामान्य कर्मचारी के रूप में ट्रान्सपोर्ट लॉजिस्टिक का कार्य किया जाता था। उसके द्वारा समय पर अजय अरोरा के कहने पर विभिन्न दस्तावेजों में हस्ताक्षर मात्र किये जाते थे।

