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जिसका घर वाले मना रहे थे मौत का मातम, वह रिश्तेदार के यहां कर रहा था आराम

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तेंदूखेड़ा। नर्मदा के सूरजकुंड में नहाने के दौरान जिस युवक के डूबने की आशंका में पुलिस की टीम 3 दिन से परेशान रही वो मंगलवार की रात अपने रिश्तेदार के घर भरखेड़ा में मिला। मंगलवार की रात जैसे ही परिवार के लोगों को यह खबर मिली तो उसे लेकर गांव आए, पुलिस ने भी राहत की सांस ली।

मामला यह कि तेंदूखेड़ा के वार्ड 15 कठौतिया निवासी राजेश पिता तुलसीराम पटैल 36 वर्ष बाइक क्रमांक एमपी 20 एमके 4613 से अपने साथी प्रकाश उर्फ पपई महाराज जो सूरदास है को लेकर बीते रविवार को सतधारा सूर्यकुंड गया था। राजेश ने सूरदास को नहलाया और घाट पर बिठाकर खुद नहाने गया तो वापिस नहीं लौटा। सूरदार पपई ने राजेश के न लौटने पर शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी आशंका जताई कि राजेश नर्मदा में डूब गया है।
घटना के बाद जिला होमगार्ड कमांडेड शैलेंद्र सहगल की टीम एवं स्थानीय गोताखोरो सहित पीड़ित परिवार के भी कई लोगों ने तीन दिन नर्मदा में तलाश किया लेकिन उसका पता नहीं लगा। मंगलवार की रात करीब साढ़े 9 बजे राजेश बरमान बस स्टेंड पर मिला। जिसकी सूचना मिलते ही उसे भरखेड़ा निवासी रिश्तेदार घर ले गए व रात्रि करीब 2 बजे घर भिजवाया।

नहीं बता पा रहा घटनाक्रम

नाटकीय घटनाक्रम में घर लौटा राजेश सहमा और घबराया है, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। जिससे वह पूरे घटनाक्रम को नहीं बता पा रहा है कि कौन उसे ले गया और 2 दिन कहां रहा। मंगलवार की रात होश आया तो उसने खुद को बरमान बस स्टेंड पर पाया और अपने मोबाइल से घर वालों को सूचना दी। उसके कान में एक धागा बंधा है जो किसने बांधा राजेश को यह भी पता नहीं है।

उधर सूरदास पपई भी इतना ही कह रहा है कि राजेश उसे नहलाकर खुद नहाने गया था जो वापिस नहीं लौटा तो पुलिस को बताया गया। परिवार के लोग कह रहे है कि उन्होंने भी राजेश को खोजने सूरजकुंड से केसली, छत्तरपुर, बिल्थारी, ककराघाट तक तलाश किया। पूर्व में भी राजेश इसी तरह गायब हुआ था जो डेढ़ माह लौटा था।

कान में बंधा है धागा

घर लौटे राजेश के कान में एक धागा बंधा है वह किसने बांधा है। उसे भी पता नहीं है। राजेश को घर वापस लौटने पर परिजनों की खुशियां पुनः वापस आ गई है। पिछले 2 दिनो से उसके परिवार का काफी बुरा हाल बना हुआ था। गौरतलब रहे कि राजेश बहुत समय पहले भी एक बार और इसी तरह गुम हो गया था जो डेढ़ माह बाद घर वापस लौटा था।

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