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जिला खेल अधिकारी 10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ बंधा , लोकायुक्त ने दो महिला खिलाडियों की शिकायत पर कार्यवाही

Lokayukta chhapa

जबलपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ खेल अधिकारी राजेश मनोध्या दस हजार रूपयों की रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थें चढ़ गए । राजेश मनोध्या ने दो महिला ग्रामीण युुवा समन्वयकों से अगस्त में आयोजित मु यमंत्री कप के आयोजन के बकाया बिल 20 हजार रूपयों के भुगतान को लेकर दस हजार रूपयों की मांग कर रहा था जिसकी शिकायत समन्वयक शहपुुरा निवासी नैन्सी जैन ने लोकायुक्त से की जिस पर लोकायुक्त ने बुधवार की दोपहर दोनों समन्वयकों को कैमिकल लगे दस हजार रूपयों के साथ भेजा और जैसे ही उन्होंने जिला खेल अधिकारी को रूपए दिए गए लोकायुक्त ने राजेश मनोध्या को धर दबोचा। मनोध्या के हांथों और जेब को धुलवाया गया और जैसे ही हाथों में रंग उभरा लोकायुुक्त ने कार्यवाही शुरू कर दी। इन समन्वयकों का कहना है कि मुख्‍यमंत्री कप के तहत अगस्त माह में खेलकूद आयोजित किये गये थे जिसके लिए शासन द्वारा 36 हजार रूपए निर्धारित किए थे। आवेदक नैन्सी जैन निवासी शहपुरा और पूजा निवासी कुण्डम को आयोजन के लिये सोलह हजार रूपए दिए जा चुके थे बाकी बचे 20 हजार रूपयों का चेक लेने जब ये समन्वयक जिला खेल अधिकारी के पास पहुंची तो उनके द्वारा दस हजार रूपयों की मांग की गई । महिलाओं द्वारा अन्य चार समन्वयकों से छह हजार रूपए रिश्वत देने की बात कहते हुए सात हजार देने की बात भी की गई लेकिन राजेश मनोध्या दस हजार रूपयों की मांग पर ही अड़े रहे , परेशान होकर इन समन्वयकों को लोकायुक्त की शरण लेनी पडी
मण्डला में भी जारी है जांच
विगत एक वर्ष पूर्व जिला खेल अधिकारी पर मण्डला में आधी रात टेनिस कोर्ट में पहुंचकर रंगरंलिया मनाने का वीडियो शहर में वायरल हुुआ था मामले ने बड़ा तूल पकड़ा था जिसकी जांच मण्डला एसपी द्वारा की रही है लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी जांच अ ाी भी जारी है। लोकायुक्त टीम में दिलीप झर ,उप पुलिस अधीक्षक स्वप्निल दास निरीक्षक, मंजू तिर्की निरीक्षक आरक्षक अतुल सिंह एवं आरक्षक राकेश विश्वकर्मा शामिल
थे।

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