जांबाज गोताखोरों ने चार और बच्चों को निकाला, कल हो सकता है अभियान समाप्त

वेब डेस्क। उत्तरी थाइलैंड की बाढ़ग्रस्त थाम लुआंग गुफा में फंसे चार और बच्चों को जांबाज गोताखोरों ने जान पर खेलकर बचा लिया है। इससे पहले रविवार को चार बच्चों को सुरक्षित निकाला गया था। इस तरह सोमवार तक आठ बच्चे गुफा से निकाले जा चुके हैं। शेष बचे चार बच्चों और उनके फुटबॉल कोच को निकालने के लिए मंगलवार को फिर अभियान चलाया जाएगा।
कई किलोमीटर भीतर कीचड़ भरी जमीन पर सिकुड़े बैठे हुए हैं। कीचड़ से बचने के लिए उन्हें मास्क दिए गए हैं। ठंड से बचने के लिए विशेष सूट भी दिए गए हैं। प्रधानमंत्री प्रयुथ चान ओचा ने भी घटनास्थल पहुंचकर बचाव अभियान का जायजा लिया। अंधेरा होने के चलते बचाव अभियान फिलहाल रोक दिया गया है।

सोमवार को निकाले गए बच्चों को भी स्वास्थ्य जांच के लिए चियांग राई के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। बचाव अभियान दल के प्रमुख नारोंगसक ओसोत्तनाकोर्न ने बताया कि सोमवार के अभियान में भी उसी टीम को अंदर भेजा गया था, जिसने रविवार को बच्चों को निकाला था।

रविवार को सुरक्षित निकाले गए चारों बच्चों ने सोमवार सुबह उठते ही चावल के साथ सुअर के मांस से बने व्यंजन “पैड क्रा पाओ” और तुलसी के पत्ते डालकर बनने वाले एक तले हुए व्यंजन की फरमाइश की।

ओसोत्तनाकोर्न ने बताया, “डॉक्टरों ने हमें बच्चों के खान-पान को लेकर सावधानी बरतने को कहा है क्योंकि कई दिनों तक भूखे रहने की वजह से वे काफी कमजोर हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को दूसरे लोगों के संपर्क में आने पर संक्रमण का खतरा है। इसलिए उन्हें अभिभावकों से अभी मिलने नहीं दिया जा रहा है।

बहन की कैंसर से हो चुकी है मौत-

रविवार को सबसे पहले मॉनखॉल बूनपियम उर्फ मार्क (13) को निकाला गया था। उसके बाद प्रजाक सुथम उर्फ नोट, नत्तावूट थकमसाइ (14) और आखिर में पिपत बोधू उर्फ निक (15) को निकाला गया था। इनमें नत्तावूट थकमसाइ दमे का मरीज है। लिहाजा गुफा से निकलने के तुरंत बाद एंबुलेंस से ले जाने के बजाय उसे गुफा के मुहाने से ही हेलीकॉप्टर के जरिये अस्पताल ले जाया गया था। उसकी छोटी बहन की पहले ही कैंसर से मौत हो चुकी है।

भगवान को कर रहे याद

गुफा से आठ बच्चों को निकालने के बावजूद इंतजार की घड़ियां सभी अभिभावकों के लिए एक जैसी हैं। दरअसल, सोमवार को जिन बच्चों को निकाला भी गया है उनके बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। एक बच्चे की मां सुपालुक सोमपिंगजई ने बताया कि मैं भगवान-भगवान करते हुए अब भी गुफा के पास खड़ी हूं। मुझे कुछ पता नहीं कि जिन बच्चों को निकाला गया है, उनमें मेरा बेटा है या नहीं।

दुनिया भर की नजर

थाम लुआंग गुफा पर इस समय दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं। वाइल्ड बोर्स फुटबॉल टीम के बच्चों और उनके कोच को सुरक्षित निकालने के लिए कई देशों के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ दिन-रात एक किए हुए हैं। 23 जून को वाइल्ड बोर्स फुटबॉल टीम के बच्चे इस गुफा में घुसे थे। अचानक तेज बारिश आई और बच्चे फंस गए। हालांकि, मशीन से इतना पानी बाहर निकाल दिया गया है कि गोताखोर बच्चों को लाने के लिए अंदर जा सकें।

बारिश बनी बाधा

लगातार हो रही बारिश रेस्क्यू ऑपरेशन की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। थाम लुआंग गुफा से वाइल्ड बोर्स फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी है। बता दें कि थाईलैंड के उत्तरी इलाके में स्थित चियांग राय में गुफा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए थाई टीमों के साथ विदेशी टीमें लगी हुई हैं। गौरतलब है कि रविवार को चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद ऑपरेशन को रोक दिया गया था।

फुल मास्क पहनाकर बाहर लाए गए बच्चे-

थाइलैंड में बच्चों को गुफा से बाहर निकालने के लिए उन्हें गोताखोरी के सामान्य मास्क के बजाय पूरा चेहरा ढकने वाले मास्क पहनाए गए थे ताकि उन्हें कम से कम डर लगे। सामान्य मास्क सिर्फ आंखों और नाक को ढकते हैं।

बाहर लाने से पहले विशेषज्ञ गोताखोरों ने बच्चों को कीचड़ से भरी गुफा से निकलने के लिए तैयार किया।

कीचड़ वाले पानी में घुसते समय हर बच्चे के साथ दो गोताखोर थे। बच्चों से एक गाइड रोप के जरिये खुद को आगे की तरफ खींचने के लिए कहा गया। कभी-कभी गोताखोरों को खुद भी उन्हें पकड़कर खींचना पड़ा। घुमावदार रास्तों से घिसट-घिसटकर चलने और एक मील से ज्यादा दूरी तक चट्टानों पर चलने के बाद बच्चे उस “चोक स्पॉट” पर पहुंचे जहां एक थाई गोताखोर की मौत हो गई थी।

यह एक बेहद संकरा रास्ता है जिसमें पहले सीधी चढ़ाई है और फिर वैसी ही सीधी ढलान। यहां गोताखोरों को अपनी पीठ से टैंक तक उतारने पड़े। लिहाजा अपने टैंकों को खींचने के साथ ही उन्हें यहां बच्चों को भी गाइड करना पड़ा। एक गोताखोर ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बच्चे डरें नहीं।

रविवार को 4 बच्चे सुरक्षित बाहर निकाले गए

पहले बच्चे को गुफा से रविवार शाम 5.40 बजे निकाला गया और दूसरे को उसके 10 मिनट बाद जबकि दो अन्य को दो घंटे से अधिक समय के बाद बाहर निकाला गया था। जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव अभियान के आधिकारिक प्रवक्ता नारोंगसाक ओसोतानाकोर्न ने रविवार को बताया कि चारों बच्चे सुरक्षित हैं।

 इंतजार करते माता-पिता

इस बीच गुफा में फंसे अपने बच्चों के इंतजार में माता-पिता आंखे गड़ाए बैठे हुए हैं। गुफा के फंसे एक बच्चे की मां ने कहा, ‘मैं अभी भी गुफा के बाहर उसका इंतजार कर रही हूं। इस उम्मीद के साथ कि आज बाहर निकलने वाले बच्चों में मेरा बच्चा भी शामिल होगा। उन्होंने कहा, ‘हमें पता चला कि चार बच्चों को बाहर लाया जा रहा है, हमें नहीं पता था कि वे चार बच्चे कौन हैं। बहुत से माता-पिता गुफा के बाहर अपने बच्चों के इंतजार में बैठे हैं। हम में से किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी गई।

पानी निकालने का प्रयास

थाई मीडिया के मुताबिक गुफा से पानी निकालने के लिए 100 छेद किए गए हैं ताकि गुफा के अंदर से पानी को निकाला जा सके। बचाव कार्य के लिए 18 सदस्यों की टीम बनाई गई है जिसमें 13 विदेशी गोताखोर और पांच थाई नेवी सील शामिल हैं। कहा जा रहा है कि आज के ऑपरेशन में करीब 10 से 12 घंटे लग सकते हैं।

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