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जबलपुर सेंट्रल जेल में 222 दिन बाद अपनों से मुलाकात कर पाए बंदी

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जबलपुर (आशीष शुक्ला)। कोरोना के चलते 222 दिन बाद सोमवार को सेंट्रल जेल में परिजन ने बंदियों से मुलाकात की। जेल विभाग के निर्णय के बाद पहले ही इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी। मुलाकात करने वालों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराते हुए प्रवेश दिया गया। मुलाकात की अवधि सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक तय की गई है। एक बंदी से दो परिजन अधिकतम 10 मिनट तक मिल पा रहे हैं।

जबलपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक गोपाल ताम्रकार ने बताया कि कोरोना संकट के चलते 25 मार्च से बंदियों से मुलाकात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लॉकडाउन खुलने के बाद जेल विभाग ने भी मुलाकात पर लगी रोक हटाने का निर्णय लिया है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए मुलाकाती कक्ष में गोले बनाए गए हैं।

बंदियों से परिजन की मुलाकात का समय 10 मिनट निर्धारित किया गया है। विचाराधीन बंदियों से परिजन सप्ताह में एक बार मिल सकेंगे। वहीं, सजायाफ्ता बंदियों के परिजन 15 दिन में एक बार मुलाकात कर सकेंगे। सेंट्रल जेल में वर्तमान में करीब तीन हजार बंदी हैं। इसमें करीब 1600 सजायाफ्ता और करीब 1400 विचाराधीन हैं।

हर मुलाकात के बाद सैनिटाइज होगा कक्ष
मुलाकातियों और बंदियों के सैनिटाइजेशन का इंतजाम जेल प्रशासन की ओर से किया गया है। हर मुलाकात के बाद कक्ष का सैनिटाइजेशन होगा। इसके साथ ही जेल प्रशासन ने लॉकडाउन में शुरू किए गए 14 लैंडलाइन और मोबाइल सेवा चालू रखने का निर्णय लिया है। परिजन तय नंबरों पर भी बंदियों से बात पहले की तरह कर सकेंगे।

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