जबलपुर: वीएफजे से सेवानिवृत्त कर्मचारी ने जीवित रहते किया देहदान

जबलपुर, वाहन निर्माणी (वीएफजे) फैक्ट्री से सेवानिवृत्त 71 वर्षीय वृद्ध ने देहदान कर समाज के लिए मिसाल पेश की है। शहर के जानकी नगर क्षेत्र स्थित अतुलांचल परिसर निवासी रविशंकर गुप्ता नौगरैया ने पीड़ित मानवसेवा के साथ युवाओं का भविष्य संवारने के लिए मेडीकल काॅलेज के शरीर रचना विभाग पहुंच कर देहदान किया हैं। इसके लिए बकायदा शपथपत्र भी भरा है। वृद्ध के इस जुनून और समाजसेवा के कार्य की नागरिक सराहना कर रहे हैं।

वृद्ध रविशंकर गुप्ता ने बताया
कि देश और समाज की सेवा करने बचपन से ही मन बना लिया था। इसलिए पैतृक गांव के स्कूल में शिक्षा हासिल करने के बाद बड़े शहर आकर उच्च शिक्षा पूरी की। देशसेवा करने का मन होने से वाहन निर्माणी जबलपुर भर्ती हो गए। वर्ष-2009 में वीएफजे से सेवानिवृत्त हो गए।

सेवानिवृत्ति के बाद खाली रहकर उन्होंने क्षेत्र के बुजुर्ग साथियों को एकत्र किया और पीड़ितों की मदद करने में जुटे रहे। कुछ समय बाद उनके दो साथियों का निधन हो गया। इस दौरान रविशंकर गुप्ता अपने दोस्तों का इलाज कर रहे डाॅक्टरों के संपर्क में ज्यादा रहे।

तभी उन्हें पता चला कि मेडिकल काॅलेज के प्रशिक्षु डाॅक्टरों को लोगों को रोगी होने से बचाने मानव शरीर की आवश्यकता है, लेकिन कोई आगे नहीं आता। डाॅक्टरों ने उन्हें बताया कि यदि कोई देहदान करता है, तो वह प्रशिक्षु डाॅक्टरों के रिसर्च के काम आएगी। भविष्य में यही युवा अच्छे चिकित्सक बनेंगे और विभिन्न रोगों का इलाज कर सकेंगे।

एसोसिएशन के सदस्य

वृद्ध के साथी सुभाष चंद्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य रविशंकर गुप्ता ने स्वयं की देहदान करके समाजसेवा करने की इच्छा जताई। संगठन के एक सदस्य की बात को गंभीरता से लेकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल काॅलेज के शरीर रचना विभाग से संपर्क किया। इसके बाद रविशंकर गुप्ता ने करीब तीन माह पहले 18 जुलाई को पड़ोसी वीके विश्वकर्मा व विजय कुमार गुप्ता के साथ मेडिकल जाकर देहदान करने का शपथपत्र भरकर जमा कर दिया।

डाॅ. एन एल अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, शरीर रचना विभाग, मेडिकल काॅलेज जबलपुर ने बताया कि*
कोरोना संक्रमण के चलते जानकी नगर निवासी व वीएफजे के सेवानिवृत्त कर्मचारी रविशंकर गुप्ता ने देहदान करने की घोषणा की है। उनकी मृत्यु के बाद उनकी मृत देह को कैमिकल प्रोसेसिंग करके सुरक्षित किया जाएगा। उनकी देह मेडिकल के प्रशिक्षु डाॅक्टरों के अध्ययन व रिसर्च करने के काम आएगी।

Exit mobile version