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जबलपुर लाई गई थी नकली रेमडेसिविर की खेप, अस्पताल संचालक समेत तीन पर शिकंजा

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जबलपुर।  दवा कारोबारी सपन जैन की गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद हरकत में आई जबलपुर पुलिस की शुरुआती जांच में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप जबलपुर भी लाई गई थी।

इस आधार पर पुलिस ने सपन जैन, निजी अस्पताल संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर रोहित काशवानी ने बताया कि अधारताल निवासी भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीद फरोख्त का आरोप है।

 

गुजरात पुलिस मामले की जांच कर रही है। सपन गुजरात पुलिस की गिरफ्त में है। इधर, जबलपुर में सपन व उसके परिवार से जुड़ी दवा की तीन दुकानों को सील कराया जा चुका है।

सपन के चाचा द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। निजी अस्पताल से जब्त दस्तावेज व कर्मचारियों के बयान से यह पता चला है कि रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन मंगाए गए थे। 450-500 नकली इंजेक्शन की खेप सपन जैन के माध्यम से निजी अस्पताल भेजे गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नकली इंजेक्शन का क्या हुआ इसका पता लगाया जा रहा है।

उन्हें अस्पताल में भर्ती मरीजों पर इस्तेमाल किया गया अथवा बाहर बेचा गया इसका पता लगाया जा रहा है। निजी अस्पताल संचालक, सपन जैन समेत तीन लोगों के खिलाफ धारा 274, 275, 308 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

विदित हो कि कोरोना महामारी से जुड़ी दवाओं की कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्‍ती बरतनी शुरू की है। इसके पहले भी रेमडेसिविर इंजेक्‍शन के मुनाफाखोरों को पकड़ा जा चुका है।

 

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