Site icon Yashbharat.com

छोटी बचत योजनाओं पर पुरानी दरों से मिलेगा ब्याज, वित्त मंत्री ने दिया कटौती वापस लेने का निर्देश

nirmla seetaraman

nirmla seetaraman

सरकार ने जो कल छोटी बचतों पर ब्याज दरें घटाई थी उसे आज वापिस ले लिया है। अब सभी छोटी बचतों पर पुरानी यानी 2020-21 की दरें लागू होंगी। कल सरकार ने छोटी बचत पर ब्याज दरों में कटौती करके आम लोगों को बड़ा झटका दिया था। सरकार ने बचत खातों, पीपीएफ, टर्म डिपॉजिट, आरडी से लेकर बुजुर्गों के लिए बचत योजनाओं तक पर ब्याज दरों में कटौती कर दी थी। कहा गया था कि नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी और 30 जून 2021 तक प्रभावी रहेंगी। हालांकिं, आज सरकार ने इस फैसले को बदल दिया है।

इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्विट कर बताया कि 2020-21 की बीती तिमाही में जो दरें थी, वहीं दरें अब लागू होंगी। जो ऑर्डर कल पास किये गये थे, उन्हें बदल दिया गया है।

कल घटा दी थी ब्याज दरें

बचत खातों में जमा राशि पर वार्षिक ब्याज को 4 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया था। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर अब तक 7.1 फीसदी वार्षिक ब्याज को घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया था। एक साल के लिए जमा राशि पर तिमाही ब्याज दर को 5.5 फीसदी से घटाकर 4.4 फीसदी किया गया था। बुजुर्गों को बचत योजनाओं पर अब 7.4 फीसदी की जगह केवल 6.5 फीसदी तिमाही ब्याज देने की घोषणा की गई थी।

ये नई दरें लागू की गई थी, अब पुरानी दरों पर ही ब्याज मिलेगा

एक साल के लिए टर्म डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी की जगह 4.4 फीसदी ब्याज, 2 साल के लिए जमा राशि पर अब 5.5 फीसदी की जगह 5 फीसदी, 3 साल के लिए जमा राशि पर 5.5 फीसदी की जगह 5.1 फीसदी, 5 साल के लिए जमा राशि पर 6.7 फीसदी की जगह 5.8 फीसदी ब्याज कर दिया गया था। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर 6.8 फीसदी की बजाय केवल 5.9 फीसदी ब्याज, किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी की जगह 6.4 फीसदी ब्याज और सुकन्या समृद्धि योजना पर भी ब्याज दर को 7.6 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया गया था। अब पुरानी दरें जो 31 मार्च 2021 को थी, वहीं मानी जाएंगी।

Exit mobile version