छतरपुर जिले में छेड़छाड़ के आरोपित के परिवार का सामाजिक बहिष्कार

छतरपुर। नौगांव कस्बे के मुस्लिम समाज ने किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपित व उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया गया है। यह भी निर्णय लिया गया कि जब भी आरोपित रफीक की मौत होगी तो मस्जिद में उसकी नमाज-ए-जनाजा नहीं पढ़ी जाएगी। साथ ही उसे दफनाने के लिए कब्रिस्तान में जगह भी नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि मुस्लिम समाज में किसी की मृत्यु होने के बाद दिवंगत के शव के पीछे नमाज-ए-जनाजा पढ़ी जाती है। गुरुवार को मुस्लिम समाज के लोग जामा मस्जिद में एकत्रित हुए। यहां पेश इमाम (नमाज पढ़ाने वाले) मुनव्वर रजा और समाज के कलीम खान व अन्य लोगों की मौजूदगी में सामूहिक रूप से इस बारे में निर्णय लिया गया।

यह ऐलान भी किया गया है कि भविष्य में ऐसा निंदनीय कृत्य करने वालों के खिलाफ भी यही फरमान लागू होगा, ताकि समाज में बेटियों का सम्मान कायम रहे और उनसे बदसलूकी जैसी घटनाओं पर रोक लग सके। मालूम हो, आठ जून को नौगांव कस्बे में आरोपित ने एक किशोरी के घर में घुसकर छेड़छाड़ की थी। घबराई किशोरी ने केरोसिन डालकर आग लगा ली थी।

घटनाक्रम के दौरान किशोरी 90 व आरोपित 30 प्रतिशत तक झुलस गया था। इलाज के दौरान नौ जून को किशोरी की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। आरोपित को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था। मृत्यु पूर्व बयान में किशोरी ने आरोपित पर गंभीर आरोप लगाए थे।

नासिर को दी जाए कड़ी सजा

इधर, नौगांव कस्बे में ही बीते रोज मासूम को दुराचार की नीयत से ले जाने की कोशिश करने वाले आरोपित नासिर पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए हरसंभव कोशिश की जाए।

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