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चुनाव से पहले ही बिखरने लगी पार्टी-सैकड़ों कांग्रेसियों ने घोषित उम्मीदवारों के खिलाफ खोला मोर्चा

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जबलपुर।  प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के साथ ही चारों तरफ आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। महाकौशल क्षेत्र में भी कांग्रेस पार्टी चुनाव से पहले ही बिखरने लगी है, वैसे तो इस क्षेत्र को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का गढ़ माना जाता है, लेकिन टिकट वितरण में ज़मीनी कार्यकर्ताओं को उपेक्षित किए जाने पर उन्होंने खुल कर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जबलपुर की बरगी और केंट विधानसभा में खुलेआम कांग्रेस के बागी पार्टी को कोस रहे हैं, बरगी में स्थानीय प्रत्याशी की लगातार मांग हो रही थी,यहाँ से संजय यादव ने साल 2016 में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया और कमलनाथ के खास होने के नाते उसे बरगी से टिकट दे दी गई, संजय यादव इससे पहले जबलपुर की पश्चिम विधानसभा से 2 बार चुनाव हार चुके थे और अब बरगी में पैराशूट उम्मीदवार के रूप में मैदान पर आ गए उनके एक ऑडियो ने भी राजनीति में हलचल मचा रखी है।

लेकिन तमाम विवादों के बीच जब कांग्रेस ने स्थानीय दावेदारों की नही सुनी तो वो निर्दलीय मैदान में उतर कर कांग्रेस को हराने के लिए तैयार है। शहपुरा जनपद के पूर्व अध्यक्ष राजेश सिंह राजपूत और जनपद सदस्य कौड़ीलाल राय निर्दलीय मैदान पर उतरने का मन बना चुके हैं, उनके निवास पर हजारों की तादात पर आई जनता कांग्रेस के खिलाफ आग उगल रही है।

जबलपुर के अलावा केंट विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार बनाए गए कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा का विरोध भी खुल कर सामने आ रहा है यहाँ से केंट के वाईस प्रैजिडैंट चिंटू चौकसे के समर्थक भी आक्रोशित हो गए हैं ,खैर ये हाल दोनो ही दल में नजर आ रहा है बीजेपी में भी पनागर में सेटिंग विधायक इंदु तिवारी के खिलाफ बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है

तो पाटन में टिकट की आशा में बैठे आशीष दुबे का भी खुलकर विरोध सामने आ चुका है अब इस विरोध के परिणाम क्या होंगे ये तो मतदान के परिणाम के बाद ही चलेगा लेकिन ये तय है इस बार मध्यप्रदेश में किसी भी दल की नैया आसानी से पार नही होगी।

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