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चुनाव से नहीं जुड़ेंगे एक ही जिले में तीन साल से तैनात अफसर, पांच राज्यों को EC का दिशा-निर्देश

election commission

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भले ही अगले साल होने हैं, लेकिन चुनाव आयोग अभी से सक्रिय हो गया है। आयोग ने गुरुवार को इन सभी राज्यों में अधिकारियों के स्थानांतरण व तैनाती को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए। इसमें कहा है कि कोई भी ऐसा अधिकारी इन चुनावों में सीधे तौर पर नहीं जुड़ेगा, जो तीन साल से एक ही जिले में तैनात है। आयोग ने इसके दायरे में आने वाले अधिकारियों का ब्योरा भी जारी किया है। साथ ही इसके अमल की रिपोर्ट आयोग को 31 दिसंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के मुख्य सचिवों को दिए गए निर्देश में यह भी साफ किया है कि इन तीन वर्षो की गणना कब से की जाएगी। उत्तर प्रदेश में 31 मई, 2022 की अवधि तक इसकी गिनती जाएगी। उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में 31 मार्च, 2022 तक इस अवधि की गणना की जाएगी। चुनाव की घोषणा से पहले राज्यों में अधिकारियों की तैनाती को लेकर उठने वाले सवालों से पहले ही आयोग ने सभी राज्यों को सतर्क कर दिया है। आयोग ने यह भी साफ किया है कि राज्य के कौन-कौन अफसर और कर्मचारी इस दायरे में नहीं आते हैं। इनमें राज्य मुख्यालयों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी के अलावा डाक्टर, इंजीनियर, प्रिंसिपल, शिक्षक आदि शामिल हैं जो चुनाव कार्य में शामिल नहीं हैं। हालांकि आयोग ने कहा कि इनमें यदि किसी के खिलाफ राजनीतिक आधार पर जुड़ाव रखने की कोई शिकायत मिलती है और जांच में वह सही पाई जाती है तो आयोग के निर्देश पर न सिर्फ स्थानांतरण किया जाएगा, बल्कि उनकी विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।

आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी को इन दिशा-निर्देशों के अमल की रिपोर्ट भी 31 दिसंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अगले साल यानी वर्ष 2022 में जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई 2022 तक का है। उत्तराखंड विधानसभा का 23 मार्च, पंजाब विधानसभा का 27 मार्च, गोवा विधानसभा का 15 मार्च, और मणिपुर विधानसभा का 19 मार्च, 2022 तक कार्यकाल है। इससे पहले इन राज्यों में चुनाव होने हैं। आयोग ने हालांकि अभी चुनावों को लेकर कोई एलान नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इन सभी पांचों राज्यों में एक साथ ही चुनाव होंगे।

 

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