नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन से जारी सैन्य तनातनी के बीच भारत अपनी सामरिक कूटनीतिक के तहत म्यांमार की नौसेना को उसका पहला पनडुब्बी जल्द ही सौंप देगा। पूर्वी एशिया के पड़ोसी देशों के साथ प्राचीन पारंपरिक रिश्ते को मजबूत करने के साथ इस क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को थामने के लिए मोदी सरकार बीते कुछ सालों से एक्ट ईस्ट नीति पर जोर दे रही है। इस क्रम में म्यांमार के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के तहत ही भारत म्यांमार की नौसेना को यह पनडुब्बी इस साल के अंत तक सौंप देगा।
भारत और म्यांमार के बीच रक्षा साझेदारी
भारत और म्यांमार के बीच यह रक्षा साझेदारी इस लिहाज से बेहद मायने रखती है कि चीन अपने आर्थिक और सामरिक संसाधनों के सहारे पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था से लेकर रणनीतिक मोर्चो पर अपना प्रभुत्व चाहता है। म्यामांर भी चीन के इस एजेंडे का एक अहम पड़ाव है। ऐसे में जाहिर तौर पर दूसरे पड़ोसी देशों में बीजिंग के हर आर्थिक और रणनीतिक कदमों पर भारत की सर्तक निगाहें हैं। म्यांमार ने कुछ अर्सा पहले अपनी नौसेना का विंग बनाने की घोषणा की थी तब भारत ने इसमें उसकी मदद का वादा किया था।
भारत म्यांमार नौसेना को सौंपेगा पनडुब्बी सिंधुवीर
इसी वादे के अनुरूप भारत ने म्यांमार नौसेना को उसके प्रशिक्षण के लिए पहला पनडुब्बी सिंधुवीर देने की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने म्यांमार को पनडुब्बी दिए जाने से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा कि म्यांमार के साथ समुद्री क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के बीच बढ़ी साझेदारी का हिस्सा है। इसीलिए हम आइएनएस सिंधुवीर को म्यांमार नौसेना को सौंप रहे हैं जो भारत के इस क्षेत्र में सागर दृष्टिकोण के अनुरूप है।
भारत सभी की सुरक्षा और विकास के प्रति प्रतिबद्व
सागर के अपने दृष्टिकोण के तहत भारत इस पूरे क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास के प्रति प्रतिबद्व है। इस दिशा में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ भारत अपने पड़ोसी देशों की क्षमता निर्माण और आत्मनिर्भरता के लिए भी प्रतिबद्व है।
सिंधुवीर म्यांमार की नवगठित नौसेना को चीनी सामरिक प्रभाव में आने से रोका जा सकेगा
म्यांमार को आइएनएस सिंधुवीर सौंप जाने से साफ है कि म्यांमार की नवगठित हो रही नौसेना को चीनी सामरिक प्रभाव में आने से रोका जा सकेगा। भारत ने सिंधुवीर को अस्सी के दशक में रुस से खरीदा था और म्यांमार को सौंपे जाने से पूर्व इसमें बदलाव किया जा रहा है।
प्रशिक्षण पनडुब्बी का पूरी तरह से नवीनीकरण किया जा रहा
बताया जाता है कि विशाखापत्तनम के हिन्दुस्तान शिपयार्ड में इस प्रशिक्षण पनडुब्बी का पूरी तरह से नवीनीकरण किया जा रहा है। चीन से एलएसी पर बीते पांच महीने से जारी गतिरोध और कोरोना महामारी के प्रकोप के बावजूद भारत ने म्यांमार के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्तों और सहयोग की गति धीमी नहीं पडने दी है। इस महीने की शुरूआत में ही विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने म्यांमार की यात्रा कर वहां के शीर्ष राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व के साथ अहम चर्चा की थी।

