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चार महीने में शुरू होगा इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन का काम : गडकरी

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इंदौर। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन का काम चार माह में शुरू कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट बनकर तैयार है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द रेल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह तय करना होगा कि परियोजना का शिलान्यास मध्यप्रदेश में किया जाए या महाराष्ट्र में। भंवरकुआं से तेजाजी नगर जंक्शन (बायपास) तक शहरी हिस्से की रोड को भी नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया बनाएगी। इसके निर्माण के लिए 117 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा रही है।

ये घोषणाएं सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, पोत परिवहन, जल संसाधन, नदी और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गड़करी ने की। विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए इंदौर आए गडकरी ने कार्यक्रम के दौरान लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से पूछा कि इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास कहां होना चाहिए तो स्पीकर बोली कि दोनों राज्यों के बीच की सीमा पर रेल लाइन का शिलान्यास होना चाहिए। इस पर मंत्री ने चार महीने के भीतर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मनमाड़ रेल लाइन के शिलान्यास की घोषणा की।

गड़करी की घोषणा से इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। मंत्री ने बताया कि इंदौर, पीथमपुर और देवास क्षेत्र से सालाना 47 हजार कंटेनर जवाहरलाल नेहरू पोर्ट जाते हैं। उन्हें वहां पहुंचने में आठ दिन का समय लगता है। मुंबई पहुंचने के बावजूद वहां कंजेशन के कारण कंटेनर समय पर नहीं पहुंच पाते। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन यह परेशानी दूर कर देगी। रेल लाइन डलने से इंदौर को दिल्ली-बेंगलुरु के लिए राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की सुविधा भी मिल सकेगी। इससे दिल्ली-बेंगलुरु और दिल्ली-चेन्न्ई का सफर 325 किलोमीटर तक कम होगा। इससे इंदौर के आसपास तेजी से औद्योगिक और कृषि विकास होगा।

इंदौर से कांडला पोर्ट को जोड़ना होगा

गडकरी ने कहा कि मनमाड़ लाइन से इंदौर की जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से तो कनेक्टिविटी हो जाएगी लेकिन इंदौर की कांडला पोर्ट से कनेक्टिविटी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इसके लिए प्रयास करना होंगे।

फोर लेन और सर्विस रोड को हाथोहाथ दी मंजूरी

लोकसभा स्पीकर ने कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह से कहा कि इंदौर-ऐदलाबाद रोड को तो सैद्धांतिक रूप से नेशनल हाइवे घोषित कर दिया गया है। जल्द ही उसे फोर लेन बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा, लेकिन इसके शहरी हिस्से (भंवरकुआं से तेजाजी नगर) को पीडब्ल्यूडी से बनवाना होगा। इसके लिए आप जल्द मंजूरी दें।

गड़करी ने स्पीकर की बात पकड़ते हुए अफसरों से जानकारी ली और हाथोहाथ घोषणा कर दी कि शहरी हिस्सा भी एनएचएआई 117 करोड़ रुपए की लागत से फोर लेन और दोनों तरफ सर्विस रोड के साथ बनाएगा। वे बोले रामपाल सिंह के विभाग के पास फंड की कमी है, इसलिए यह काम राजमार्ग मंत्रालय कराएगा।

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