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घरों के आगे अब बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगेगी, जानिए इसके पीछे की खास कहानी

nameplate barsali

बैतूल। बेटियों के नाम से घर की पहचान. जी हां, ये कोई पोस्टर पर लिखा जुमला नहीं है बल्कि मध्‍यप्रदेश केबैतूल जिले के ग्राम बरसाली की हकीकत है. बरसाली अब देश का एक ऐसा गांव बन गया है, जो बेटियों के नाम से पहचाना जाएगा. गांव के जिस घर में बेटियां हैं, उन घरों के आगे अब बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगी नजर आएगी. पूरे गांव ने एकमत से ये फैसला लिया है और बड़े ही जोर-शोर से सभी घरों के सामने बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई जा रही है.

कुछ साल पहले इस अभियान की शुरुआत बैतूल के ही एक युवक अनिल यादव ने की थी, जिसने अपनी बेटी के जन्मदिन पर उसे तोहफे के रूप में परिवार के मुखिया होने की पहचान दी. लोगों से मिली प्रशंसा के बाद अनिल ने इसे एक अभियान बना दिया और आज देश के 8 राज्यों के लगभग 1500 घरों तक ये अभियान पहुंच चुका है, लेकिन बैतूल का बरसाली इकलौता ऐसा गांव है जहां अब हर घर के सामने बेटियों का नाम लिखा होगा.

पीढ़ियों से काबिज पुरुष प्रधान समाज में इस अभियान को शुरू करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन ग्राम बरसाली के लोगों ने इस अभियान को जिस तरह से अपनाया है, उससे ये साबित हो गया कि बेटियों के नाम से घर को पहचान मिले, ये हर पिता का सपना होता है.

जिन परिवारों को उनके पूर्वजों और खास तौर पर पिता या भाई के नाम से जाना जाता था, अब उन घरों के सामने मुखिया के तौर पर बेटियों का नाम दिखाई देना पूरे गांव की बेटियों के लिए गर्व की बात है. बेटियों को उम्मीद है कि बेटियों को लेकर समाज की सोच में अब जरूर परिवर्तन आएगा.

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