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गौरव राजपूत कैट से भी जीते, प्रमोशन का रास्ता साफ

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जबलपुर। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिव्यूनल जबलपुर ने आईपीएस गौरव राजपूत के प्रमोशन को रोकना गलत माना है और सभी बैचमेंटो के साथ पदोन्नती देने के आदेश दिया है। गौरव राजपूत के खिलाफ लम्बित जांच का हवाला देते हुवे 1 जनवरी 2018 को डीआईजी पद के लिये उनका प्रमोशन रोक दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ श्री राजपूत सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिव्यूनल चले गये थे। शासन ने जिस जांच का हवाला देकर श्री राजपूत का प्रमोशन रोका था उसी मामले में लोकायुक्त ने उन्हें क्लिनचिट देकर मामला समाप्त कर चुकी है। केंद्र सरकार श्री राजपूत को पहले ही डीआईजी पद के लिये इम्पैनल्ड कर लिया है।ec2ee010 a98b 4b48 b00c 8f0a070b9b641 जनवरी 2018 को आईपीएस गौरव राजपूत का डीआईजी पद के लिये प्रमोशन होना था लेकिन प्रदेश शासन ने पीएचक्यू में पड़ी जांच का हवाला देकर उनके प्रमोशन को रोक दिया था। इस निर्णय के खिलाफ श्री राजपूत ने कैट की शरण ली थी। श्री राजपूत ने इस मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, प्रदेश के डीजीपी के अलावा 12 अन्य अफसरों को पार्टी बनाया था। शासन के वकील ने जांच लम्बित होने का हवाला देकर प्रमोशन रोके जाने को सही ठहराना चाहा लेकिन कैट ने सभी दलीलों को नकार दिया। कैट के विद्वान जजों ने आईपीएस गौरव राजपूत के प्रमोशन को रोकना गलत बताया और पूरानी डेट से सभी बैचमेंटो के साथ डीआईजी पद के लिये पदोन्न​ती देने का फैसला सुनाया।

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिव्यूनल के इस फैसले से जहां गौरव राजपूत को राहत मिली है वहीं उनके प्रमोशन को रोकने वालों के लिये यह एक झटका है। एक शपथ—पत्र द्वारा लगभग 4 महीने बाद की गयी शिकायत की जांच के नाम पर किसी आईपीएस का प्रमोशन रोका जाना सिस्टम की खामियों को उजागर करता है साथ ही उच्च स्तर पर अधिकारियों की आपसी राजनीति को भी जगजाहिर करता है।

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