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गुलौआ तालाब के भाजपाईकरण पर कांग्रेस ने मचाया बवाल महापौर का पुतला दहन कर, किया प्रदर्शन

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जबलपुर। कछपुरा ब्रिज से नजर आने वाले गुलौआ तालाब का नामकरण डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को समर्पित किए जाने से कांग्रेस ने बवाल मचा दिया है। उनका आरोप है कि ऐतिहासिक गोंडवाना कालीन गुलौआ तालाब के सौन्दर्यीकरण की आड़़ में भाजपाईकरण का खेल खेला गया है।

जिसके विरोध में आज कांग्रेस द्वारा महापौर का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस जनों का कहना है कि यह एक साजिश है, जिसका कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी।

कांग्रेस जनो द्वारा छोटी-छेाटी टोलियां बनाकर क्षेत्रीय नागरिकों से संपर्क साधकर उनको भी इस आंदोलन में शामिल कर आंदोलन को जनांदोलन का रूप दिया जाएगा। इस मौके पर वीर सावरकर वार्ड के कांग्रेस पार्षद संजय राठौड़ का कहना है कि उपनगरीय क्षेत्र गढ़ा में गुलौआ तालाब के भाजपाईकरण का तीखा विरोध शुरू हो गया है, क्योंकि गोंडवाना की सम्राज्ञी रानी दुर्गावती ने जल संरक्षण के प्राचीन उपाय के रूप में ताल-तलैया खुदवाने का तरीका अपनाया था।

इसी सिलसिले में जबलपुर को 52 तालाबों की सौगात दी गई। गुलौआताल उन्हीं में से एक है इसलिए गुलौआ तालाब में रानी दुर्गावर्ती की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी लेकिन भाजपा ने साजिश करते हुए वहां पर डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करना चाह रही है। जिसका विरोध कांग्रेस द्वारा समय-समय किया जाता रहा है। उल्लेखनीय है कि गुलौआ तालाब को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी के द्वारा समय समय पर आवाज उठाई गई है लेकिन इसके बावजूद पूरा श्रेय भाजपा के खाते में चला गया।

जिसके विरोध में आज काग्रेस द्वारा महापौर का पुतला दहन किया जाएगा। इस अवसर पर शनिवार को गुलौआताल के पाट पर डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाए जाने का विरोध किया गया। इस दौरान गुलौआताल का नाम रानी दुर्गावती किए जाने पर बल दिया गया।

साथ ही रानी दुर्गावती की प्रतिमा लगाए जाने की मांग बुलंद की गई और संकल्प लिया गया कि किसी भी सूरत में डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण नहीं होने दिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में पार्षद संजय राठौड़़, गणेश चौकसे, मनोज पाटकर, शेखर सोनी, डब्बू ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

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