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गलत खाता संख्‍या लिखने के कारण लाख रुपए दूसरे के खाते में जमा- धारक का पैसे देने से इंकार

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उज्जैन। आरटीजीएस के दौरान त्रुटिवश गलत खाता संख्या लिखना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। 4 लाख रुपए दूसरे के खाते में जमा हो गए। अब संबंधित व्यक्ति रुपए लौटाने से इंकार कर रहा है। बैंक प्रबंधक की शिकायत के बाद माधवनगर पुलिस ने अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि किशोर कुमार जायसवाल नीलकृष्ण ब्रदर नाम से कंपनी संचालित करते हैं। वे 13 दिसंबर 2017 को मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के खाते में 4 लाख 11 हजार रुपए जमा करने आंध्र बैंक की फ्रीगंज शाखा में गए थे। यहां आरटीजीएस करने के दौरान उनसे खाता नंबर की जानकारी देने में गलती हो गई। इस कारण रुपए महाराष्ट्र के जेउर निवासी गणेश भास्कर के अकाउंट में जमा हो गए।

ऐसे लगा पता

बिजली कंपनी के खाते में रुपए जाम नहीं होने के कारण कंपनी ने किशोर को रिमांडर भेजा था। इस पर उसने बैंक स्टेटमेंट निकाला तो रुपए दूसरे के खाते में जमा होने की जानकारी मिली। इस पर बैंक मैनेजर शांतनु पाल को आवेदन दिया गया। बैंक अधिकारियों ने गणेश भास्कर से चर्चा कर रुपए लौटाने को कहा। इस पर भास्कर ने रुपए लौटाने से साफ इंकार कर दिया। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपी भास्कर के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है।

सावधानी रखें ग्राहक

बैंक अधिकारियों के अनुसार नकद अथवा आरटीजीएस करने के दौरान ग्राहकों को सही खाता नंबर की तस्दीक कर लेना चाहिए। इससे इस तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है।

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