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गर्ल्स कॉलेज में ईयरफोन और स्कार्फ पर प्रतिबंध, वसूल रहे …

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इंदौर। मोती तबेला स्थित ओल्ड जीडीसी परिसर में छात्राओं के मोबाइल ईयरफोन और स्कॉर्फ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसका उपयोग करने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है। कॉलेज छात्रसंघ ने अनुशासन के नाम पर यह प्रतिबंध थोपा है। कॉलेज प्रशासन ने भी इसकी सहमति दे दी है। नोटिस बोर्ड पर भी इसे चस्पा कर दिया गया है।

करीब दस दिन से कॉलेज में यह प्रतिबंध लागू किया गया है। छात्रसंघ की पदाधिकारी छात्राएं दलील दे रही हैं कि लड़कियां कैंपस में गाने सुनती हैं। अनुशासन बनाने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। स्कॉर्फ प्रतिबंध के पीछे की वजह बताते हुए कहा जा रहा है कि बाहरी लड़कियां भी कॉलेज में आ जाती हैं। प्रतिबंध लागू करने के बाद छात्रसंघ अध्यक्ष, सचिव समेत अन्य पदाधिकारी परिसर में घूमकर निगरानी भी कर रहे हैं। किसी भी छात्रा के पास ईयरफोन नजर आने पर जब्त किए जा रहे हैं और 50 रुपए जुर्माना भी वसूला जा रहा है। चेहरे पर स्कॉर्फ पहनने पर भी कार्रवाई हो रही है।

छात्राओं ने शुरू किया विरोध

ईयरफोन जब्त होने और जुर्माना लेने के बाद कॉलेज की अन्य छात्राओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। छात्राएं शिकायत लेकर शिक्षकों के पास जा रही हैं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने अपनी ओर से पदाधिकारियों को कार्रवाई की छूट दे दी है। डे-स्कॉलर छात्राएं इसे होस्टल में रहने वाली लड़कियों की दादागीरी करार दे रही हैं। छात्राओं के मुताबिक, छात्रसंघ में पदाधिकारी होस्टल की छात्राएं हैं लिहाजा वे डे-स्कॉलर लड़कियों को परेशान के लिए मनमानी करने लगी हैं। प्रोफेसर-शिक्षक भी उनके दबाव में हैं।

यहां ईयरफोन की क्या जरूरत

छात्रसंघ पदाधिकारी अपने कदम को सही बताते हुए कह रही हैं कि लड़कियां क्लास छोड़ बाहर बैठकर गाने सुनती हैं। मोबाइल पर प्रतिबंध नहीं है। छात्राएं चाहें तो मोबाइल पर बात करें लेकिन ईयरफोन नहीं। किसी भी तरह का अनुशासन बनेगा तो विरोध होगा ही। होस्टल की छात्राएं दलील दे रही हैं कि स्कॉर्फ पहनकर अभाविप और एनएसयूआई की लड़कियां भी कॉलेज में आ जाती हैं। यह भी प्रतिबंध का एक कारण है।

हॉस्टल के भी कानून

छात्राएं शिकायत कर रही हैं कि ह‍ॉस्टल में भी सीनियर लड़कियों की अपनी सत्ता और नियम चल रहे हैं। जूनियर छात्राओं को भी कमरे से बाहर मोबाइल पर बात करने की अनुमति नहीं है। नवप्रवेशित छात्राएं टीवी देखने के लिए सीनियर के सामने कुर्सी पर नहीं बैठ सकतीं।

लिस्ट है हमारे पास

प्रिंसिपल से हमने परमिशन ली है। लड़कियों को बात करना है तो मोबाइल पर करें। जब्त ईयरफोन और फाइन के रुपए कमेटी के पास है। सबकी लिस्ट हमारे पास है। सब ठीक रहा तो हम लौटा भी देंगे। – प्राची बिरला, सचिव ओल्ड जीडीसी छात्रसंघ

जुर्माने की अनुमति नहीं

छात्रसंघ को हमने सिर्फ अनुशासन के लिए समझाइश देने की अनुमति दी है। ईयरफोन जब्त करने और जुर्माने की अनुमति नहीं दी। एक लड़की शिकायत लेकर आई थी तो उसका ईयरफोन वापस भी दिलवाया था। – प्रो.मंजू पाटनी, प्रभारी प्राचार्य

मॉरल पुलिसिंग

कॉलेज में मॉरल पुलिसिंग की जा रही है। कुछ छात्राओं के कहने पर कॉलेज पदाधिकारी दूसरी छात्राओं को परेशान कर रहे हैं। गरीब छात्राओं से अवैध वसूली भी हो रही है। – मोनिका मंडारे, जिला महासचिव एनएसयूआई

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