रेल्वे अस्पताल के महिला वार्ड के बाथरूम मे लगे कैमरे मामलें ने पकड़ा तूल
जबलपुर,प्रतिनिधि। यश भारत द्वारा सर्वप्रथम पश्चिम मध्य रेलवे के अस्पताल मे महिला शौचालय मे लगे सीसीटीवी कैमरे की खबर प्रकाशित करने के बाद रेल्वें की महिला संगठनों मे भारी रोष व्याप्त है जिसको लेकर शुक्रवार को सीएमटी ऑफिस में रेलवे महिला कर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल के शौचालय में सीसीटीवी कैमरे लगने से नाराज महिलाओं ने प्रदर्शन किया । इस दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि महिला शौचालय मे सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर लगाए गए थे। प्रदर्शन मे शामिल महिलाओं ने मामलें में सीसीटीवी कैमरे अधिकारियों के निलंबन की मांग की । दोपहर बाद जैसे ही महिलाओं का समूह ने सीएमडी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी करते हुए मामले मे दोषी लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की इस दौरान सीएमडी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
मजदूर संघ की महिला विंग अध्यक्ष सविता त्रिपाठी ने बताया कि यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में कैमरे हटा तो लिए थे, लेकिन अगले ही दिन दोबारा लगा दिए। इसको लेकर पमरे मजदूर संघ में नाराजगी है। मामले से आक्रोशित महिला विंग ने रेलवे अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर जांच की मांग की है।
मामले की जांच हो, वरना होगा उग्र आंदोलन
महिला विंग ने अस्पताल प्रबंधन की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि ऐसा करने के पीछे उसकी मानसिकता क्या है। इस मामले की जांच होनी चाहिए, वरना महिला पदाधिकारी प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगी। शुक्रवार को महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती त्रिपाठी ने मंडल सचिव डीपी अग्रवाल के नेतृत्व में अस्पताल प्रबंधन से मुलाकात की। इधर, मजदूर संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने इस मामले की जांच कराने के लिए महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय को पत्र लिखा है।
विशाखा कमेटी को सौंपा जाए मामला
संघ ने आरोप लगाया कि कैमरे की फुटेज का दुरुपयोग किया गया है। अस्पताल प्रबंधन की गलत नीयत से संवेदनशील स्थान पर कैमरे लगवाने वाले अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। संघ ने मांग की है कि सीसीटीवी की मॉनिटरिंग का जिम्मा संभालने वाले प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ विशाखा कमेटी बैठे और जांच करे। वहीं, इन कैमरों को तत्काल वार्ड और बाथरूम से हटाया जाए। प्रदर्शन के दौरान सतीश कुमार, एसके वर्मा, दीना यादव, संजय चौधरी, दीपक केसरी, विजय दुबे, दुर्गा तिवारी, नीलू पटेल, रजनी भगत आदि मौजूद रहे।
यह है मामला
विवाद का कारण अस्पताल प्रबंधन की ओर से महिला वार्ड नंबर 7 और 8 में कैमरे लगाना है। हद तो तब हो गई जब बाथरूम तक में कैमरे लगा दिए गए। यश भारत मे प्रकाशित इस खबर की जानकारी होते ही मजदूर संघ और महिला विंग ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शुक्रवार को जमकर प्रदर्शन किया और मामले की शिकायत महिला आयोग तक कर दी। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने विरोध बढ़ते देख नए कैमरे निकालकर उनकी जगह पुराने कैमरे लगा दिए। सफाई दी कि ये काम ही नहीं करते।
