यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक वयस्क के स्टेम सेल से लैब में कृत्रिम फेफड़े तैयार कर पता लगाया है कि कैसे कोरोना वायरस मानव कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस नए शोध से वायरस के खिलाफ असरदार दवा बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि संक्रमण के कारण कुछ चुनिंदा लोग सबसे ज्यादा क्यों प्रभावित होते हैं।
स्टेम सेल से लैब में तैयार फेफड़ों पर वैज्ञानिकों का अध्ययन
ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता और बायोलॉजिस्ट डॉक्टर पुरुषोत्तम राव टाटा के अनुसार, कृत्रिम फेफड़ों को वायरस से संक्रमित किया गया।
तभी वह अपनी संख्या बढ़ाने लगे 6 घंटे बाद अधिकतर कोशिकाओं में वाले से अपना दायरा बड़ा कर लिया। 48 घंटे बाद शरीर की इम्युनिटी ने वायरस से लड़ाई शुरू कर दी। संक्रमण के 6 घंटे बाद फेफड़ों की कोशिकाएं मरनी शुरू हुई और उसके ऊतकों को भी नुकसान होने लगा।
