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कोरोना मरीजों के लिए स्टेरॉयड बेहद खतरनाक, बढ़ा रही शुगर और बीपी लेवल

thyroid

देश में कोरोना संक्रमण के कारण स्थितियां बेहद नाजुक बनी हुई है। संक्रमण और मौतों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वैक्सीन अभियान शुरू हो गया है लेकिन कोविड के नए स्टेन ने थोड़ी मुश्किले बढ़ा दी है। कोरोना बीमारी जानलेवा तो है, उसके इलाज में उतनी सावधानी रखने की भी जरूरत है। वायरस के उपचार में उपयोग हो रही स्टेरॉयड मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। इसके ज्यादा इस्तेमाल से शुगर और ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़ रहा है।

पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कोविड मरीजों का इलाज वाले यूनिट के प्रभारी कर्नल डॉ. कुलबीर शर्मा ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयां शुगर और बीपी के मरीजों के लिए जानलेवा है। इनसे पैंक्रियाज पर असर पड़ रहा है। जिस कारण ब्लड शुगर का लेवल बढ़ रहा है। स्टेरॉयड की डोज रोगियों की हालत पर निर्भर करती है। इससे मरीज का शुगर लेवल 400 पार तक पहुंच जाता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि शुगर के मरीजों के इलाज में खास एहतियात बरतना जरूरी है। इसे बहुत जरूरी होने पर ही देना चाहिए। ऐसे बहुत कम मरीज हैं, जिनकी शुगर कोविड का इलाज खत्म होने के बात समान्य आती है। ज्यादातर रोगियों को डॉक्टर की सलाह से शुगर कंट्रोल करने के लिए दवाइयां लेनी पड़ती हैं। ऐसे में खुद से दवाईयां लेना ठीक नहीं है। अमृतसर सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. जेपी अन्नी ने बताया कि संक्रमितों का ऑक्सीजन लेवल लगातार नीचे गिरे तभी स्टेरॉयड देनी चाहिए। वायरस से फेफड़ों में जलन और सूजन को स्टेरायड को नियंत्रित करने का काम करता है। इससे मरीज का शुगर और ब्लड प्रेशर असामान्य हो जाता है। इसके लिए अलग से मेडिसिन दी जाती हैं।

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