भोपाल । कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर लोगों के मन में भय की स्थिति है। यह भय केवल कोरोना संक्रमण के कारण ही नहीं है बल्कि इसके साथ उपजी ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस, डेल्टा प्लस जैसी बीमारी को लेकर भी है। पहली लहर से दूसरी लहर न केवल ज्यादा गंभीर थी बल्कि इसके साथ ब्लैक, व्हाइट फंगस और डेल्टा प्लस जैसी समस्या ने इस बात के लिए और भी चिंतित कर दिया कि तीसरी लहर कितनी भयावह होगी। तीसरी लहर आएगी या नहीं, इसकी चपेट में कौन आ सकता है और कौन नहीं, उससे उपजी अन्य शारीरिक समस्याओं का उपचार सुलभ होगा या नहीं इस पर फिलहाल कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली। पर एलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद और आहार एवं पोषण विशेषज्ञों के अनुसार यह तय है कि सावधानी बरतकर संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है या उसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
- डायबिटीज को नियंत्रित रखें।
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जिनके परिवार में किसी को डायबिटीज है वे अपनी डायबिटिज की जांच कराते रहें।
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विटामिन सी, ए और डी की पूर्ति आहार व दवाओं से करें।
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मास्क, सैनिटाइजर, शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करें।
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भीड़ में जाने से बचें।
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बुजुर्ग और बच्चों को घर से बाहर नहीं जाने दें।
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जिन्हें पहले कोरोना हो चुका है या टीका लग चुका है वे भी सतर्क रहें।
डा. सलिल भार्गव, प्रोफेसर व हेड, रेस्पीरेटरी मेडिसीन विभाग एमवाय अस्पताल
- गर्मपानी का सेवन, भाप और गरारे करते रहें।
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तुलसी, दालचीनी, हल्दी का काढ़ा, त्रिकटू काढ़ा, आरोग्य कसायम काढ़ा पीएं।
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वात, कफ और पित्त तीनों को संतुलित रखें।
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च्यवनप्राश का सेवन करते रहें।
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ऋतु अनुसार ही आहार व औषधी लें।
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मौसम जनित रोगों का तुरंत उपचार कराएं।
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पाचनतंत्र बेहतर रखें।
डा. सतीशचंद शर्मा, प्राचार्य शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कालेज
- फंगस शकर से पनपती है इसलिए शरीर में शर्करा की मात्रा नियंत्रित रखें।
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मीठा खाने से परहेज करें।
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संतुलित मात्रा में आहार लें।
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आहार में पोषक तत्वों को शामिल करें।
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तेल-वसा युक्त भोजन सीमित मात्रा में करें।
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डाइटिंग नहीं करें बल्कि पौष्टिक भोजन करें।
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व्यायाम के जरिए शर्करा की मात्रा संतुलित करें और शरीर के टाक्सीन्स निकलने दें।
डा. प्रीति शुक्ला, आहार एवं पोषण विशेषज्ञ
- डायाबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए सिजेजियम मदर टिंचर की 10 बूंद पानी में डालकर लें।
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आर्सेनिक एलबम 30 पावर की 5-5 गोली दिन में तीन बार लेकर रोगप्रतिरोधक क्षमता बेहतर रख सकते हैं।
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सर्दी, जुकाम, गले में दर्द, हल्का बुखार होने पर यूपेटोरियम, रसटाक्स, जेलसीमियम, आर्सेनिक एलबम लें।
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हल्का बुखार होने पर फेरमफास, कालीमियोर ली जा सकती है।
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फैफड़ों में संक्रमण और आक्सीजन का स्तर कम होने पर कार्बोवेज, वेनेडियम, चायना और केम्फोरा लें।
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आर्सेनिक एलबम, ब्रायोनिया, केम्फरा दवाई बिना लक्षण के भी ली जा सकती है।
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एंजायटी दूर करने के लिए एकोनाइट, कालीफास, जेलसीमियम ले सकते हैं।
डा. दिव्या चौरडिया, होम्योपैथी चिकित्सक

