नई दिल्ली. पत्रकारिता छोड़ राजनीति में आए आशुतोष ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का फैसला किया है और पार्टी को अपना इस्तीफा भी भेज दिया है, लेकिन अरविंद केजरीवाल का कहना है कि वे इस जन्म में तो आशुतोष का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेंगे?
केजरीवाल ने ट्वीट किया, हम आपका (आशुतोष) इस्तीफा कैसे स्वीकार कर लें? ना, इस जनम में तो नहीं। वहीं संजय सिंह ने भी कहा है कि हम सब मिलकर आशुतोषजी से अनुरोध करेंगे की वो अपना फैसला वापस लें।
इससे पहले बुधवार को आशुतोष ने ट्वीट किया कि हर सफर का अंत होता है। आम आदमी पार्टी के साथ मेरा सुंदर और क्रांतिकारी सफर भी खत्म हो गया है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और पीएसी से अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार कर लिया जाए। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत फैसला है।
इससे पहले चर्चाओं का बाजार गर्म था कि आशुतोष ने कुछ महीने पहले ही आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, लेकिन केजरीवाल ने अभी तक इसे मंजूर नहीं किया है। वहीं पार्टी ने कहा है कि आशुतोष अपनी किताब लिख रहे हैं, उसने अक्टूबर तक व्यस्त रहने की बात कही है।
पार्टी के सूत्र बताते हैं कि आशुतोष पिछले कई माह से पार्टी में सक्रिय भागेदारी नही निभा रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2014 में आशुतोष ने पत्रकारिता को विदा कह राजनीति में आए थे। आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। वे आप के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं।
उस समय उनके साथ कैप्टन गोपीनाथ, मीरा सान्याल, किरण बेदी, प्रशांत भूषण, शाजिया इल्मी, कुमार विश्वास जैसे लोग भी आप के साथ जुड़े थे, लेकिन वे सभी भी पार्टी छोड़ चुके हैं। आशुतोष ने 2014 लोकसभा चुनाव के समय दिल्ली के चांदनी चौक से चुनाव भी लड़ा था। लेकिन इस चुनाव में तीन लाख से अधिक वोट लाने के बावजूद हर्षवर्धन से चुनाव हार गए थे।

