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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सहित 6 लोगों पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का मामला दर्ज

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भोपाल।  मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सहित 6 लोगों पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने के जुर्म में आईपीसी की धारा 153 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरिफ मसूद की फिर से गिरफ्तारी होगी।

धर्म संस्कृति समिति के महमंत्री डॉक्टर दीपक रघुवंशी की शिकायत पर विधायक आरिफ मसूद एवं अन्य पर धारा 153 A IPC के अंतर्गत थाना तलैया भोपाल में FIR दर्ज की गई है। विधायक पर आरोप है कि उनके द्वारा गुरुवार को इकबाल मैदान पर आयोजित प्रदर्शन के फलस्वरूप धार्मिक भावनाएं आहत हुई है।

शिकायत में कहा गया है कि – इकबाल मैदान मे विधायक आरिफ मसूद द्वारा उन्मादी भीड़ एकत्रित कर फ्रांस के राष्ट्पति का पुतला व झंडे को जलाया गया तथा इस दौरान ऐसे भाषण दिया गया की फ्रांस के उक्त कृत्य का केंद्र व राज्य में बैठी हिन्दूवादी सरकार के मंत्री भी समर्थन कर रहे हैं। हम फ्रांस की सरकार के साथ साथ हिंदुस्तान की सरकार को भी चेतावनी दे रहे है कि यदि सरकार ने फ्रांस के कृत्य का विरोध नही किया तो हिंउस्तान मैं भी ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्मदी भीड़ एवं विधायक मसूद के ऐसे कृत्यों से हिन्दू जनमानस में भय के साथ अत्यंत आक्रोश व्याप्त है साथ ही फ्रांस और भारत के संबंधों मैं गलत प्रभाव पड़ने की अशंका है उक्त कृत्य से मूलतः निम्न लोग ज्यादा प्रभावी रहे हैं।

क्या है धारा 153 ए
आईपीसी की धारा 153 (ए) उन लोगों पर लगाई जाती है, जो धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। धारा 153 (ए) के तहत 3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अगर ये अपराध किसी धार्मिक स्थल पर किया जाए तो 5 साल तक की सजा और जुर्माना भी हो सकता है।

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