कांग्रेस संगठन विवाद पर बाबरिया बोले-यादवों को आपस में लड़ने पर श्रीकृष्ण भी नहीं बचा पाए

भोपाल । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने शनिवार को महेश्वर के कार्यकर्ताओं के साथ हुए संवाद को लेकर पांच दिन बाद स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि यादवों के आपस में लड़ने पर भगवान श्रीकृष्ण भी नहीं बचा पाए थे…. आप लोग भी लड़ो, आपकी सीट भी नहीं बचा पाओगे।

सूत्र बताते हैं कि यह संवाद किसी कार्यकर्ता द्वारा रिकॉर्ड कर वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचा दिया गया है। वहीं, सफाई पेश कर बाबरिया ने कहा कि उनके इस संवाद को गलत रूप में पेश किया गया। बाबरिया और महेश्वर के कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ हुए विवाद के बाद ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन सिंह, नपा अध्यक्ष हेमंत जैन, गिरिराज सर्राफ और शुभम व्यास निष्कासित कर दिए गए थे।

हालांकि उनकी बर्खास्तगी के पांच दिन बाद ही वापसी हो गई है। इस बारे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने दूरभाष पर बताया कि निष्कासित नेताओं ने लिखित में माफी मांग ली है। इस कारण उनका निष्कासन समाप्त नहीं किया गया, बल्कि उन्हें नए सिरे से पार्टी की सदस्यता दी गई है।

जबकि निष्कासित नेता हेमंत जैन ने कहा कि हमने पीसीसी को जो पत्र लिखा था, उसमें माफी नहीं मांगी बल्कि घटना की जानकारी दी थी। शेखर ने खरगोन के जिलाध्यक्ष को जो लिखित पत्र भेजा, उसमें भी निष्कासन समाप्ति की बात कही है न कि दोबारा सदस्यता दिलाने की। गौरतलब है कि महेश्वर के नेताओं के निष्कासन को लेकर खरगोन जिले के करीब 1200 कार्यकर्ताओं ने बागी तेवर दिखाते हुए कांग्रेस हाईकमान को पदों से इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी।

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