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कांग्रेस ने महाराज बनाकर रखा, एक साल में ही बीजेपी में भाईसाहब बन गए सिंधिया: दिग्विजय

shivraj with jyotiraditya sindhiya

गोहद ।  मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें वहां एक साल में ही भाईसाहब बना दिया गया है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस में सालों तक ज्योतिरादित्य सिंधिया को महाराज बनाकर रखा गया था, लेकिन बीजेपी ने एक साल में ही उन्हें भाईसाहब बना दिया। गोहद में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने यह बात कही। उन्होंने कहा, मुझे तो दुख इस बात का है कि जब वे राज्यसभा में मोदी की तारीफ कर रहे थे, तभी मेरा मौका आया तो मैंने कहा कि महाराज आप जितने अच्छे ढंग से पहले कांग्रेस का समर्थन करते थे, उतना ही आज बीजेपी का कर रहे हैं। बता दें कि राज्यसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच मजाकिया लहजे में बात हुई थी।

दरअसल बजट सत्र के दौरान जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष रखा था तो उसके बाद दिग्विजय सिंह जवाब देने के लिए खड़े हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा था, ‘सभापति महोदय! मैं आपके माध्यम से सिंधिया जी को बधाई देना चाहता हूं, जितने अच्छे ढंग से वे यूपीए सरकार में सरकार का पक्ष रखते थे उतने ही अच्छे ढंग से आज उन्होंने बीजेपी का पक्ष रखा है। आपको बधाई हो, वाह जी महाराज वाह, वाह जी महाराज वाह!’ दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाथ जोड़ लिए थे और जब उनकी बात खत्म हुई तो कहा, ‘सब आपका ही आशीर्वाद है।’ इसके बाद राज्यसभा में ठहाके गूंजने लगे।

इतना ही नहीं खुद दिग्विजय सिंह भी मुस्कुराने लगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया की यह बात सुन दिग्विजय सिंह ने तुरंत कहा- ‘हमेशा रहेगा, आप जिस पार्टी में रहें, आगे भी जो हो, हमारा आशीर्वाद आपके साथ था, है और रहेगा।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया सालों तक कांग्रेस के दिग्गज नेता के तौर पर पहचान रखते थे, लेकिन कमलनाथ के सीएम बनने के बाद वह साइडलाइन महसूस कर रहे थे। सरकार में उनकी राय न लिए जाने और उनके समर्थक विधायकों को मंत्री पद न मिलने की शिकायतें भी थीं। अंत में उन्हें कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने का फैसला ले लिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्य प्रदेश के ग्वालियर और उसके आसपास यानी चंबल के क्षेत्र में काफी प्रभाव माना जाता है।

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