जबलपुर। ओम नमः शिवाय जिसकी तलाश सारे विश्व को है पर यह नाम जबलपुर कलेक्ट्रेट में चर्चा का विषय बना ।चर्चा होगी क्यों ना “भाई महोदय किसी को मिलते कहां है”
सारे कर्मचारी ,छोटे से छोटे स्तर के अधिकारी और आम जनता जिनको इनसे कार्य होता है इंन्हे ढूंढती नजर आ रही है
कौन हैं नमः शिवाय अरजरिया
ओम नमः शिवाय जरिया जो कि उप जिला निर्वाचन अधिकारी हैं और इनका कार्यालय नंबर 102 है। इस कार्यालय में जब भी कोई उनसे मिलने जाता है तो महोदय कभी किसी को प्राप्त नहीं होते, बाहर बैठा चपरासी बस यही कहता है कि “साहब पता नहीं कब आएंगे और आएंगे भी कि नहीं कोई पता नहीं”
सुबह से शाम तक बैठी रही महिला
एक महिला कुछ दिन पूर्व ही एक बच्चे को जन्म दिया जो कि संविदा शिक्षक हैं और उसका पति भी संविदा शिक्षक है जो की चुनावी ड्यूटी करने में असमर्थ है इस व्याख्या को लेकर महिला सुबह से शाम तक अधिकारी से मिलने बैठी थी, पर अधिकारी तो अधिकारी है मिलेंगे कहां?
बेचारी महिला अपने बच्चे को लेकर रोते हुए वहां से चली गई।
क्योंकि बाहर बैठे चपरासी ने महिला को कहा साहब ने सारे अधिकार द्विवेदी जी को दिए हैं जो कि अपर कलेक्टर ग्रामीण है इनका कार्यालय 49 नंबर है आप इन से जाकर मिलो, रोती बिलखती महिला 49 नंबर पर गई तो उसे यह जवाब मिला उनका कोई अधिकार नहीं है कि चुनावी ड्यूटी को निरस्त किया जाए
ऐसे कई उदाहरण हैं जिनके चलते लोग बार बार ढूंढ रहे हैं परंतु कलेक्टर में कहीं भी नहीं मिल रहे हैं “ओम नमः शिवाय”