Site icon Yashbharat.com

कर्नाटक चुनाव में फेल हुआ कांग्रेस का लिंगायत कार्ड!

download
नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए मतों की गणना शुरू होने के दोपहर के रूझानों के मुताबिक, भाजपा ने 111 सीटों पर बढ़त बनाई है , जबकि कांग्रेस 71 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने लिंगायत समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर एक बड़ी चाल चली थी, लेकिन अफसोस वह सफल न हो सकी।
Z
राजनीति विशेषज्ञ चुनावों से पहले कहते नजर आ रहे थे कि अब तक भाजपा के समर्थन कहे जाने वाले लिंगायतों का वोट यदि कांग्रेस की ओर शिफ्ट होता है तो वह दोबारा सत्ता में आ सकती है, लेकिन अब जो चुनाव के नतीजे आ रहे हैं  उन्होंने सारी भविष्यवाणियों को गलत करार दे दिया है। हैरानी वाली बात यह है कि खासतौर पर लिंगायतों के प्रभाव वाले क्षेत्र में भाजपा को बड़ी कामयाबी मिलती दिखाई दे रही है। यहां भाजपा 37 सीटों पर जीत दर्ज करती दिख रही है, जबकि इस क्षेत्र में कांग्रेस को सिर्फ 18 और जेडीएस को 8 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। 2 सीटें अन्य के खाते में जाती दिख रही है।
लिंगायतों में कांग्रेस के सेंध न लगा पाने की बड़ी वजह यह रही कि आम लिंगायत लोगों को लगता था कि इससे उन्हें सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं होगा। कर्नाटक की राजनीति के जानकारों के मुताबिक अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने का फायदा सीधे तौर पर लिंगायत समुदाय से जुड़े ट्रस्टों को होता। इससे उन्हें अपने संस्थानों के संचालन में काफी हद तक स्वायत्ता मिल सकती थी, लेकिन आम लोग इसे बड़े फायदे के तौर पर नहीं देख रहे थे। वहीं एक दिलचस्प आंकड़े मुताबिक परंपरागत रूप से कांग्रेस के समर्थक कहे जाने वाले मुस्लिम समुदाय के प्रभाव वाले इलाकों में भी भाजपा का खूब जादू चला है। बताया जा रहा है कि मुस्लिम बहुल 10 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 8 और जेडीएस 7 सीटों पर बढत बनाए हुए है।
Exit mobile version