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कर्नाटक में सरकार बनने से पहले लिंगायत समुदाय ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें

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बेंगलुरु। कर्नाटक में पिछले कुछ समय से जारी राजनीतिक घमासान अब थम गया है। भाजपा की येदियुरप्पा सरकार गिरने के बाद राज्य में कांग्रेस और जेडीएस मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। इसी क्रम में जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी आज दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। लेकिन चुनाव से पहले इस्तेमाल किया गया लिंगायत कार्ड अब कांग्रेस की सरकार बनने की राह में मुश्किलें पैदा कर सकता है। दरअसल पार्टी में लिंगायत चेहरे को डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठ रही है।
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लिंगायत समुदाय ने लिखा खुला खत
जानकारी के अनुसार लिंगायत समुदाय के संगठन अखिल भारत वीरशैव महासभा के नेता तिप्पाना ने खुला खत लिखकर कांग्रेस विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हे भाजपा में जाने का ऑफर मिला है लेकिन वो कांग्रेस पार्टी छोड़कर नहीं गए, ऐसे में उनकी मांग है कि पार्टी उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए। कांग्रेस ने दलित कार्ड खेलते हुए जी परमेश्वर को उप मुख्यमंत्री पद का दावेदार बना दिया। ऐसे में लिंगायत समुदाय की ये मांग इस गठबंधन के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।


लिंगायत क्षेत्रों में भाजपा को मिली थी जीत
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने लिंगायत समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर एक बड़ी चाल चली थी। राजनीति विशेषज्ञ चुनावों से पहले कहते नजर आ रहे थे कि अब तक भाजपा के समर्थन कहे जाने वाले लिंगायतों का वोट यदि कांग्रेस की ओर शिफ्ट होता है तो वह दोबारा सत्ता में आ सकती है। लेकिन लिंगायतों के प्रभाव वाले क्षेत्र में भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली। अब कांग्रेस को यह डर सता रहा है कि लिंगायत कार्ड कहीं उन पर ही उल्टा न पड़ जाए।

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