कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी मामला: कैबिनेट का फैसला, मंत्री विजय शाह पर अभियोजन की मंजूरी नहीं देगी सरकार

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी मामला: कैबिनेट का फैसला, मंत्री विजय शाह पर अभियोजन की मंजूरी नहीं देगी सरकार
भोपाल: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना के शौर्य की जानकारी देश तक पहुँचाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि सरकार मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (Prosecution) की मंजूरी नहीं देगी।
कैबिनेट बैठक और निर्णय के मुख्य बिंदु
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राज्यपाल के पास जाएगा मामला: चूंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल नियुक्तिकर्ता हैं, इसलिए कैबिनेट के इस फैसले को अंतिम निर्णय और औपचारिक स्वीकृति के लिए उनके पास भेजा जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 31 अगस्त को होनी है। राज्य सरकार कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए इस संबंध में शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल करेगी।
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गोपनीय चर्चा के बाद फैसला: सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में जब यह विषय आया तो मंत्रियों और उच्च अधिकारियों (मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, संजय शुक्ला व विधि विभाग के अफसर) के अलावा अन्य सभी अधिकारियों को बाहर भेज दिया गया था।
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सरकार का तर्क: चर्चा के दौरान यह पक्ष रखा गया कि मंत्री विजय शाह की मंशा सेना की जांबाज अधिकारी का अपमान करने की बिल्कुल भी नहीं थी।
क्या था पूरा विवाद?
कर्नल सोफिया कुरैशी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की जानकारी मीडिया और देशवासियों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस दौरान जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा उनके संबंध में की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुँच गया। अब सरकार के इस फैसले से मंत्री विजय शाह को कानूनी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।








