भोपाल। तीन दिन की जद्दोजहद के बाद मध्यप्रदेश के नए मुख्य्मंत्री के रूप में कमलनाथ विधायक दल की बैठक और राहुल गांधी की सहमति के चुन लिया गया है। अभी अभी इसकी घोषणा कांग्रेस कार्यालय में प्रभारी एके एंटनी सहित ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजयसिंह विवेक तनखा आदि कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में किया गया। दिनभर चले नाटकीय घटनाक्रम का अंततः पटाक्षेप हो गया। सूत्रों के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच फंसे पेंच के बाद दोनों नेता दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि इस फैसले के बाद सिंधिया समर्थकों में मायूसी दिखी। 17 दिसम्बर को नए मुख्य्मंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
कमलनाथ होंगे एमपी के सीएम, विधायक दल की बैठक में फैसला, 17 को ले सकते हैं शपथ

