Site icon Yashbharat.com

कमलनाथ के बुलावे पर भोपाल नहीं पहुंचे, ये 10 कांग्रेस प्रत्याशी

kamalnath 1466022821

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के भावी सदस्यों की किस्मत ईवीएम में क़ैद है. सभी को 11 दिसंबर का इंतज़ार है. उस दिन ईवीएम को 3 लेयर सुरक्षा से निकालकर वोट गिने जाएंगे.ऐसे में मतगणना में किसी भी तरीके की गड़बड़ी ना हो,इसके लिए कांग्रेस ने विशेष प्लान बनाया. पीसीसी चीफ कमलनाथ आज भोपाल में बैठक कर रहे हैं. इसमें पार्टी के सभी 229 प्रत्याशियों को बुलाया. इन्हें मतगणना में गड़बड़ी रोकने की ट्रेनिंग दी जारही है.

हालांकि करीब 10 प्रत्याशी इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं. अरुण यादव, रामनिवास रावत, ओम पटेल और देवेन्द्र पटेल सहित कुछ उम्मीदवारों ने अपनी अनुपस्थिति की अर्ज़ी पहले ही भेज दी थी. कांग्रेस ने कुछ लीगल एक्सपर्ट्स इस ट्रेनिंग के लिए बुलाए हैं. प्रत्याशियों को इस ट्रेनिंग में बताया जा रहा है कि कैसे उन्हें मतगणना के दिन सुरक्षा और सावधानी बरतनी है. कैसे गड़बड़ियों को पहचानना और रोकना है.

EVM की सुरक्षा को लेकर पूरे प्रदेश में हंगामा मचा हुआ है. कांग्रेस इस मसले पर हाईकोर्ट और चुनाव आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी है. सागर में खुरई की EVM 48 घंटे बाद जमा होने पर वहां के रिटर्निंग अफसर को हटा दिया गया है. बाक़ी जगह से भी लगातार शिकायतें आ रही हैं. भोपाल में पुरानी जेल को स्ट्रांग रूम बनाया गया है. यहां भी सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे. इससे नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था. सतना, सागर, खरगोन सहित कई जगह कार्यकर्ताओ का आरोप है जान बूझकर ईवीएम में गड़बड़ी की जा रही है.

कांग्रेस की शिकायत के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांताराव ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी थी कि EVM पूरी तरह सुरक्षित हैं. उनकी सुरक्षा में प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.

कांग्रेस के हंगामे पर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी. उसका कहना है कांग्रेस का ये शगल रहा है कि वो ईवीएम और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ी करती रही है.कांग्रेस समझ रही है कि वो चुनाव हारने वाली है इसलिए इस तरह से अनर्गल प्रलाप कर रही है.

Exit mobile version