न्यूज डेसक्। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से देश को मुक्त कराने की बात करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बचाव किया है। उन्होंने संघ को नागरिकों का संगठन भी करार दिया है।
बिहार के सीएम ने कहा, ‘यदि कोई संगठन कह रहा है कि वह देश की रक्षा के लिए तैयार है तो इसमें मैं क्या कहूं। इसमें कोई विवाद नहीं लगता है। यदि कोई नागरिक या नागरिकों का संगठन सीमा की रक्षा के लिए अपनी तत्परता की बात करता है तो इसमें क्या विवाद हो सकता है। हालांकि, मैं पूरी बात नहीं जानता हूं।’ मोहन भागवत ने मुजफ्फरपुर में संघ के पांच दिवसीय कार्यक्रम में कहा था कि स्वयंसेवक सेना की तरह अनुशासित होते हैं। उनके अनुसार, यदि संविधान और कानून इजाजत दे तो युद्ध की स्थिति में स्वयंसेवक सेना से भी पहले तैयार होकर मौके पर पहुंचने में सक्षम होंगे।
साथ ही भागवत ने कहा था कि सेना युद्ध की स्थिति में तैयार होने में छह से सात महीने का वक्त लगा सकती है, लेकिन स्वयंसेवक दो से तीन दिन में तैयार हो जाएंगे। आरएसएस प्रमुख के इस बयान पर हर तरफ से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी थीं। संघ ने उनके इस वक्तव्य का बचाव करते हुए बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की बात कही है।

