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कटनी ने पदस्थ रहे सेवानिवृत्त आरक्षक से वसूल की गई राशि लौटने के आदेश

jabalpur High court

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक याचिका का इस निर्देश के साथ पटाक्षेप कर दिया कि याचिकाकर्ता की मनमानी वसूली संबंधी शिकायत पर शिव कुमार सिंह के मामले में पूर्व में पारित आदेश की रोशनी में 60 दिन के भीतर निर्णय लिया जाए।

कटनी में पदस्थ था एएसआइ : न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता सिहोरा निवासी गणेश प्रसाद पांडे की ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता कटनी में एएसआइ बतौर पदस्थ था। इसी पद से वह 30 जून, 2020 को सेवानिवृत्त हुआ। सेवाकाल में उसे वेतन निर्धारण प्रक्रिया में नियमानुसार भुगतान किया गया था।

लेकिन बाद में जिला पेंशन अधिकारी, कटनी ने 68 हजार 12 रुपये अधिक भुगतान होने की जानकारी प्रस्तुत की। इसके आधार पर ब्याज सहित दो लाख, आठ हजार, 797 रुपये की रिकवरी निकाल दी गई।

याचिकाकर्ता को हुआ आर्थिक नुकसान : यह कटौती याचिकाकर्ता के सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभों से किए जाने की व्यवस्था दी गई। बाद में यह राशि काट भी ली गई। इससे याचिकाकर्ता को आर्थिक नुकसान हुआ। इसीलिए वह हाई कोर्ट चला आया।

पूर्व के राहतकारी आदेश का दिया हवाला : पूर्व में हाई कोर्ट ने शिव कुमार सिंह के मामले में रफीक मसीह के न्यायदृष्टांत की रोशनी में राहतकारी आदेश पारित किया था। जिसमें साफ किया गया था कि सेवाकाल में विभागीय गलती से हुए अधिक भुगतान की वसूली सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों से नहीं की जा सकती। लिहाजा, याचिकाकर्ता राहत का हकदार है।

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