ओहायो हॉरर हाउस: 12 फीट के बदबूदार कमरे में कैद मिले 16 सगे भाई-बहन, जानवरों जैसी हालत देख कांपी पुलिस
अमेरिका में हैवानियत: एक ही जर्जर घर से मिले 1454 फीट नहीं बल्कि 12×12 के कमरे में कैद 16 बच्चे; जानवरों से भी बदतर हालत, 4 गिरफ्तार
ओहायो हॉरर हाउस: 12 फीट के बदबूदार कमरे में कैद मिले 16 सगे भाई-बहन, जानवरों जैसी हालत देख कांपी पुलिस
वॉशिंगटन/हैमडेन: अमेरिका के ओहायो राज्य से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस ने एक बेहद जर्जर और कबाड़ से भरे घर से एक ही परिवार के 16 बच्चों को नरकीय हालातों से आजाद कराया है। ये बच्चे पिछले 4 साल से एक छोटे से 12×12 फीट के कमरे में कैद थे। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों को इस कदर कुपोषित और गंदगी के बीच रखा गया था कि उनकी हालत ‘जंगली जानवरों’ जैसी हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी समेत 4 वयस्कों को गिरफ्तार किया है।
वारंट लेकर पहुंची थी पुलिस, नजारा देख कांप गए अधिकारी
ओहायो के अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि पुलिस की टीम किसी अन्य मामले के सिलसिले में सर्च वारंट लेकर हैमडेन गांव के इस सुनसान घर में दाखिल हुई थी। पुलिस को अंदाजा भी नहीं था कि अंदर क्या खौफनाक मंजर छिपा है। जब अधिकारियों ने घर के अंदर कदम रखा, तो वहां चारों तरफ मानव मल फैला हुआ था और असहनीय बदबू थी।
विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने भावुक होते हुए कहा,
“मैंने अपने पूरे करियर में ऐसा भयावह दृश्य कभी नहीं देखा। हमारे यहां पाले जाने वाले जानवर भी इन मासूम बच्चों से कहीं बेहतर हालातों में रहते हैं।”
न कभी स्कूल देखा, न ठीक से बोलना आता है
रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र डेढ़ साल से लेकर 18 साल के बीच है। इन्हें कभी स्कूल नहीं भेजा गया और बाहरी दुनिया को इनके होने की भनक तक नहीं थी। कई बच्चे बुनियादी तौर पर बातचीत करना भी नहीं जानते। घर में कैद मिली 18 साल की एक मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की इतनी डरी हुई थी कि वह अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी।
रेस्क्यू के तुरंत बाद 7 बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें कोलंबस के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से दो बच्चों को एयरलिफ्ट (हेलिकॉप्टर से) कर अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
दुनिया की नजरों से छिपाने के लिए बुना ‘साजिश का जाल’
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह परिवार पिछले 20 सालों से दक्षिणी ओहायो के अलग-अलग इलाकों में शिफ्ट होता रहा। आरोपियों ने जानबूझकर बच्चों का कोई मेडिकल रिकॉर्ड या सरकारी दस्तावेज (बर्थ सर्टिफिकेट आदि) बनने ही नहीं दिया, ताकि प्रशासन की नजरों में ये बच्चे कभी आ ही न सकें। यहाँ तक कि पड़ोसियों ने भी बताया कि उन्होंने कभी किसी बच्चे को घर के बाहर खेलते या टहलते नहीं देखा। ओहायो हॉरर हाउस: 12 फीट के बदबूदार कमरे में कैद मिले 16 सगे भाई-बहन, जानवरों जैसी हालत देख कांपी पुलिस
आरोपी माता-पिता और दादा-दादी पर लगा गंभीर केस
इस घिनौने अपराध के लिए पुलिस ने परिवार के ही चार सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:
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गैरी साइडर्स जूनियर (पिता)
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क्रिस्टीना साइडर्स (माता)
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गैरी साइडर्स सीनियर (दादा)
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एलिजाबेथ साइडर्स (दादी)
इन चारों पर ‘चाइल्ड एंडेंजर्मेंट’ (बच्चों की जान गंभीर खतरे में डालना) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत के लिए 3 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 2.5 करोड़ रुपये) प्रति व्यक्ति की भारी-भरकम राशि तय की है। फिलहाल सभी बच्चे सरकारी बाल संरक्षण एजेंसी की देखरेख में हैं।
कैलिफोर्निया के ‘टर्पिन केस’ की यादें हुई ताजा
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