सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली: अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) में शुरू हुए छंटनी (Layoffs) के नए दौर ने सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे आर्थिक व मानसिक संकट में डाल दिया है। वर्षों तक कंपनी को अपनी दिन-रात की सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को जिस बेरुखी से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, उसने कॉर्पोरेट कल्चर (Corporate Culture) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
12 साल की वफादारी का मिला यह सिला
ओरेकल में लगातार 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाले सौरभ साहू भी इस छंटनी का शिकार बने हैं। उनकी पत्नी पूजा साहू ने एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस अप्रत्याशित फैसले से परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ और अपनी पीड़ा को साझा किया है:
त्योहारों और निजी जीवन का त्याग: पूजा ने बताया कि उनके पति ने होली, दिवाली, जन्मदिन और शादी की सालगिरह जैसे बड़े मौकों पर भी काम को प्राथमिकता दी। वे छुट्टियों के दौरान भी हमेशा काम के लिए उपलब्ध रहते थे।
अस्पताल के बेड से भी किया काम: सौरभ के समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उनकी पत्नी की सर्जरी हो रही थी, तब भी वे अस्पताल से कंपनी का काम संभाल रहे थे।
बिना किसी सूचना के किया लॉगआउट: पूजा के अनुसार, सौरभ को नौकरी जाने की जानकारी तब मिली जब वे सुबह अपने ऑफिस सिस्टम में लॉगिन करने में असमर्थ रहे। कंपनी की ओर से न तो कोई पहले से नोटिस दिया गया और न ही सीधे तौर पर संवाद किया गया।
सोशल मीडिया पर उभरा कर्मचारियों का गुस्सा और अनिश्चितता
सौरभ साहू का मामला अकेला नहीं है। ओरेकल से अचानक निकाले गए कई अन्य कर्मचारियों, उनके परिजनों और दोस्तों ने सोशल मीडिया (विशेषकर LinkedIn और X) पर अपने कड़वे अनुभव साझा किए हैं:
भविष्य और आर्थिक सुरक्षा पर संकट: कई प्रभावित कर्मचारियों ने लिखा है कि वर्षों का करियर एक झटके में खत्म होने से उनके सामने बच्चों की पढ़ाई, होम लोन और भविष्य की योजनाओं को लेकर भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है।
नए रोजगार के लिए लगाई गुहार: कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी प्रोफाइल शेयर करते हुए नई नौकरी और रेफरल (Referrals) के लिए मदद मांगी है।
ओरेकल की इस अचानक हुई छंटनी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बड़ी टेक कंपनियों के लिए कर्मचारियों का सालों का समर्पण और त्याग अक्सर कंपनी के फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) के सामने बेमानी साबित हो जाता है।ओरेकल में छंटनी का दर्द: 12 साल वफादारी से काम करने वाले कर्मचारी को बिना पूर्व सूचना नौकरी से निकाला, पत्नी की छलकी पीड़ा
ओरेकल में छंटनी का दर्द: 12 साल वफादारी से काम करने वाले कर्मचारी को बिना पूर्व सूचना नौकरी से निकाला, पत्नी की छलकी पीड़ा