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एफिल टावर को टक्कर देने वाली इमारत में लगी भीषण आग, अपने ट्वीट से घिरे डोनाल्ड ट्रंप

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US President Donald Trump speaks during a security briefing on August 10, 2017, at his Bedminster National Golf Club in New Jersey. / AFP PHOTO / Nicholas Kamm (Photo credit should read NICHOLAS KAMM/AFP/Getty Images)

न्‍यूज डेस्‍क। पेरिस के सबसे पुराने और दुनियाभर में मशहूर नॉट्र डाम कैथेड्रल में सोमवार को भीषण आग लग गई। जिससे कैथोलिक चर्च के शिखर और छत ढह गए हैं। चर्च में आग लगने से ना केवल पेरिस बल्कि पूरी दुनिया दुखी है। इसी बीच दुनियाभर के नोताओं ने इसपर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने चर्च को दोबारा बनाने की बात कही है। 12वीं शताब्दी के इस कैथेड्रल में आग लगने के बाद मैक्रों घटनास्थल की ओर रवाना हुए। उन्होंने कहा कि उनकी सारी संवेदनाएं कैथोलिक लोगों और पूरे फ्रांस के लोगों के साथ हैं, जो इस दुर्घटना से आहत हुए हैं।

मैक्रों ने कहा है, “मेरे सारे देशवासियों की तरह मैं भी आज बहुत दुखी हूं। मुझे ये देखकर बहुत तकलीफ हो रही है कि हमारा एक हिस्सा जल रहा है।” 850 साल पुराना ये चर्च यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है।

इस आग को काबू में करने के लिए करीब 400 दमकलकर्मी लगाए गए। मंगलवार सुबह कहा गया कि आग नियंत्रण में है। आग को करीब नौ घंटे बाद काबू में किया गया। पेरिस फायर ब्रिगेड के चीफ जीन क्लाउडी गैलेट का कहना है, “हम ये मान सकते हैं कि नॉट्र डाम कैथेड्रल का मुख्य ढांचा सुरक्षित और संरक्षित है। साथ ही दो अन्य टावर भी सुरक्षित हैं।”

डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को भयानक बताया लेकिन आग को काबू करने को लेकर किए एक ट्वीट के कारण वो विवादों में आ गए। ट्रंप ने सलाह दी कि हेलीकॉप्टरों से पानी की बौछार करके आग को रोकने की कोशिश की जाए। उन्होंने इस उपाय को जल्द करने की सलाह दी।

ट्रंप के इस बयान के बाद फ्रांस के सिविल सिक्योरिटी सर्विस (देश में संकट प्रबंधन की देखरेख करने वाली संस्था) ने कहा कि हेलिकॉप्टर से पानी की बौछारें नहीं की जा सकतीं। “अगर ऐसा किया जाता है, तो कैथेड्रल का पूरा ढांचा ही गिर जाएगा।”

जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने नॉट्र डाम कैथेड्रल को यूरोपीय संस्कृति का प्रतीक कहा है। वहीं वेटिकन ने भी चर्च में हुए इस हादसे के प्रति दुख प्रकट किया है।

इसी बीच चर्च के पुनर्निमाण के लिए फ्रांस के अरबपति फ्रैंकोइस-हेनरी पिनॉल्ट ने 10 करोड़ यूरो देने का वादा किया है।

केरिंग ग्रुप के सीईओ पिनॉल्ट ने सोमवार को एक समाचार एजेंसी से कहा कि नॉट्र-डाम के पूरी तरह से पुनर्निर्माण के प्रयास के लिए पैसा पिनॉल्ट परिवार की निवेश फर्म द्वारा भुगतान किया जाएगा। बता दें पिनॉल्ट गुच्ची और यवेस सेंट लॉरेंट फैशन हाउस के मालिक भी हैं।

ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग लगने का कारण क्या है। इस चर्च के नवीनीकरण का काम चल रहा था और अधिकारियों का मानना है कि ऐसा हो सकता है कि आग इसी वजह से लगी हो


850 साल पुराना है यह चर्च
यह दुनिया के सबसे पुराने कैथेड्रल में से एक है। हर साल लाखों की तादाद में लोग इसे देखने और प्रार्थना करने आते हैं। हाल ही में इसकी इमारत की दीवारों में दरारें नजर आने लगी थी, जिसके नवीनीकरण का काम चल रहा था।

फ्रांस में इसके अलावा दूजी कोई इमारत ऐसी दिखाई नहीं पड़ती है। फ्रांस में आइफल टावर को टक्कर देने वाली यही एक इमारत है। इस इमारत ने दो विश्व युद्ध देखे हैं।

फ्रांसीसी क्रांति के वक्त इसे बहुत नुकसान उठाना पड़ा था। इस इमारत के टावर 200 फीट ऊंचे हैं और यह 400 फीट से ज्यादा लंबी है। यह कुल 52 हजार वर्ग फीट में बनी हुई है। फ्रांसीसी क्रांति के दौरान इस चर्च में लूटपाट हुई थी। नेपोलियन ने इसी जगह को अपनी ताजपोशी के लिए इस्तेमाल किया था।

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