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एनडीटीवी के बिकने की खबरों के बीच रवीश ने फेसबुक पर लिखा, कहीं मेरा लाल माइक कोई छीन न ले

ravish kumar award

न्‍यू डेल्‍ही टेलीविजन (NDTV) के मालिकाना ह‍क में बदलाव की खबरों के बीच NDTV इंडिया के पत्रकार रवीश कुमार ने भावुक होते हुए एक पोस्‍ट लिखी है। ‘रवीश की रिपोर्ट’ के दिनों को याद करते हुए ‘मैं और मेरा ये लाल माइक’ शीर्षक से पत्रकार ने लिखा है कि उन्‍हें अपने इस माइक से बेहद प्‍यार है। हालांकि उन्‍होंने अपने उस डर को भी जाहिर किया है कि कहीं उनसे कोई ये ‘माइक’ छीन न ले। रवीश ने लिखा, ”पिछले दिनों जब ख़बर आई, सोशल मीडिया पर अफ़वाहें उड़ने लगीं तो सबसे पहले लाल माइक का ख़्याल आया। कोई छीन तो नहीं लेगा। मैं तो अकेला हो जाऊंगा।” रवीश का पूरा पोस्‍ट आप नीचे पढ़ सकते हैं।

“ज़िंदगी का अच्छा ख़ासा हिस्सा कैमरे के सामने और साथ गुज़रा है। अनगिनत लोगों के साथ मेरी तस्वीर होगी पर अपनी बहुत कम है। मुझे ये तस्वीर बहुत पसंद है। इसलिए नहीं कि इस तस्वीर में मैं हूं या मैं मुस्कुरा रहा हूं। बल्कि इसलिए कि मेरी आगोश में वो लाल माइक महबूब की तरह लिपटी है, जिसे लेकर कोई सोलह सत्रह साल उत्तर भारत के चंद राज्यों में भटकता रहा। कितने लोगों से मिला, कितने लोगों को सुना, कितने लोगों ने इसे देखते ही राहत की सास लेते हुए कहा कि एनडीटीवी वाला आ गया। रवीश कुमार आ गया। कितने लोगों के पसीने छूटे कि ये तो एनडीटीवी का माइक है। रवीश की रिपोर्ट में आपने देखा होगा कि एक लाल माइक चलता है। मैं अपने हाथ में उसे थामे हुए बढ़ता जा रहा हूं। मुझे पता ही नहीं चला कि कहां जा रहा हूं, कहां पहुंच रहा हूं।

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