19 साल के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे जो शिव जी की उपासना के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं इस सावन आप किस प्रकार महादेव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पा सकते हैं ताकि आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सके।
भस्म/राख
भगवान शिव की पूजा में भस्म का प्रयोग किया जाता है क्योंकि भोलेनाथ को अपने शरीर पर भस्म लगाना बेहद पसंद है। साधू और संत भस्म को बहुत ही पवित्र मानते हैं शिव जी को भी योगी संत ही माना जाता है। इसलिए इस पवित्र भस्म को अपने घर के पूजा स्थान पर रखने से शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहते हैं शिव जी ने जो भस्म अपने शरीर पर लगाया हुआ है वह उनकी पत्नी सती की चिता का भस्म था।
रुद्राक्ष
कहते हैं रुद्राक्ष के मोती शिव जी के आँसुओं से उत्पन्न हुए हैं। सोमवार के दिन रुद्राक्ष की माला घर में लाएं और उसे घर के सबसे बड़े सदस्य के कमरे में रख दें। इससे आपके ज़रूरी कामों में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी। साथ ही घर में सुख और शांति का वास होगा।
गंगाजल
जब भगीरथ के आग्रह पर गंगा जी धरती पर आयी थीं तब भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में जगह दी थी क्योंकि पृथ्वी गंगा जी का भार और वेग नहीं संभाल पाती इसलिए शिव जी ने गंगा जी की धारा को अपनी जटाओं में समेट लिया था। सावन के सोमवार को गंगाजल लेकर अपने घर की रसोई में रख दीजिये इससे आपको अपने कार्यों में सफलता तो मिलेगी ही साथ ही आपके घर में सुख और समृद्धि भी आएगी।
चांदी से बने नंदी बैल
नंदी शिव जी के वाहन बैल का नाम है। अकसर भगवान के चित्रों में नंदी उनके समक्ष ही बैठा मिलता है। जिस प्रकार घर में चांदी की गाय रखना शुभ माना जाता है ठीक उसी प्रकार नंदी बैल की चांदी की मूर्ति अपने घर की तिजोरी में रखने से कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है। आपका घर हमेशा धन धान्य से भरा रहेगा।
डमरू
शिव जी का पवित्र डमरू सारी नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा लाता है। कहते हैं डमरू की ध्वनि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। सावन के पहले दिन डमरू घर में लेकर आइए और सावन के आखिरी दिन इसे किसी बच्चे को भेंट कर दें। ऐसा करने से आपका भाग्य पक्ष मज़बूत होगा और आपके सुख में वृद्धि होगी।
चांदी का त्रिशूल
भगवान शिव का त्रिशूल संसार में मौजूद तीन ऊर्जा का प्रतीक है। घर में त्रिशूल इन तीन ऊर्जा को संतुलित करेगी और साथ ही सत्त्विक गुणों को विकिरणित करेगी इसलिए इस सावन अपने घर पर चांदी का त्रिशूल लाना न भूलें।
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