आलू-प्याज-दाल और अनाज पैदा करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार के इस फैसले से होगा बड़ा फायदा
नई दिल्ली. शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India) ने कहा कि किसानों को उनकी फसल के बदले अच्छी कीमत मिले इसलिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट (Government of India to amend essential commodities act) में संशोधन किया जा रहा है. अब कृषि उत्पाद जिनमें अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन को डीरेगुलेट कर दिया गया है. अगर आसान शब्दों में कहें तो अब इसकी कीमतों पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा ये बाजार के हिसाब से तय होंगी. सरकार की इस कोशिश का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना है.
क्या है मामला- आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किया जा रहा है. इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी. उन्हें अपना प्रोडक्ट कम दाम पर नहीं बेचना पड़ेगा. दलहन, अनाज, प्याज, आलू, सरसो, खाद्य ऑयल जैसे उत्पादों को डीरेगुलेट किया जाएगा. वहीं, फूड प्रोसेसिंग के लिए कोई स्टॉक लिमिट नहीं होगी. निर्यात करने वालों को भी दिक्कत न हो. इसका राष्ट्रीय आपदा और सूखा के हालात में सरकार कदम उठा सकती है.
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वित्त मंत्री ने एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म्स में सुधार का ऐलान किया है. पहले किसानों को सिर्फ APMC को बेचना पड़ता था लेकिन अब यह मजबूरी खत्म हो गई. इससे किसानों को अच्छी कीमत मिल सकती है. सीतारमण ने कहा कि एसेंशियल एक्ट में संशोधन से प्रोसेसर्स या वैल्यू चेन पार्टिसिपेंट्स पर कोई स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगा. किसी प्राकृतिक आपदा या दोबारा इस एक्ट में संशोधन के बाद ही स्टॉक लिमिट लागू होगी.