जबलपुर। अब उमरिया, बिलपुरा, मढई, गधेरी, मानेगॉंव, तिलेहरी, नयागॉंव पानी की टंकियों से मिलेगा नागरिकों को स्वच्छ पेयजल। आज नगर निगम के प्रशासक महेशचन्द्र चौधरी ने अमृत परियोजना के कार्यो की समीक्षा की और शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये । उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना संक्रमण काल मे ही प्रारम्भ होगी अमृत योजना के अंतर्गत पेयजल टंकियों से जलापूर्ति आम नागरिकों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना सरकार की सर्वोच्य प्राथमिकता है ।
शहरी नवीनीकरण एवं परिवर्तन मिशन अमृत परियोजना जल के कार्यो की आज प्रषासक श्री महेशचन्द्र चौधरी के द्वारा समीक्षा की गयी। समीक्षा में उनके द्वारा योजना को शीघ्र पूर्ण कर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल प्रदान करने के निर्देश प्रदान किये गए।
अमृत परियोजना के अंतर्गत ललपुर जलशोधन संयंत्र एवं इंटेकवेल में नवीन 18 पम्पों की स्थापना की गई है। इन सभी पम्पों को आज प्रशासक के निर्देश पर प्रारंभ कर दिया गया।
इन नवीन पम्पों के प्रारंभ होने से जलशोधन संयंत्र के विद्युत बिलों में बचत होगी वहीं उच्चस्तरीय पानी की टंकियॉं कम समय में भर सकेगी। ललपुर जलशोधन संयंत्र के गंदे पानी के पुनः उपयोग करने के लिए री-सर्कुलेशन अरेजमेंट का कार्य प्रगति पर है।
इस प्लांट के पूर्ण हो जाने पर ललपुर जलशोधन संयंत्र से निकलने वाले गंदे पानी का पुनः उपयोग किया जा सकेगा ओर मॉं नर्मदा में मिलने वाला गंदा पानी नहीं मिलेगा।
अमृत परियोजना के अंतर्गत 16 नवीन उच्चस्तरीय पानी टंकियों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 15 उच्चस्तरीय पानी टंकियों का कार्य पूर्ण हो गया है।
एक टंकी सूपाताल में निर्माणाधीन है। उच्चस्तरीय पानी की टंकियों जिनकी टंकियों को भरने वाली राइजिंग मेन पाइप लाइन व जल वितरण पाइप लाइन का कार्य पूर्ण हो गया है उन टंकियों को माह जुलाई में प्रायोगिक तौर पर प्रारंभ किया जायेगा वे टंकियॉं हैं उमरिया, बिलपुरा, मढई, गधेरी, मानेगॉंव, तिलेहरी और नयागॉव, हैं।
रमनगरा जलशोधन संयंत्र में नवीन टंकियों को भरने के लिए 40 एमएलडी का पम्प हाउस का निर्माण भी पूर्ण हो गया है। समीक्षा बैठक में कार्यपालन यंत्री अमृत श्री पुरूषोत्तम तिवारी, एजिस इंडिया लिमिटेड के कन्सल्टेंट श्री निशांत बागड़े, उपस्थित थे।
कोरोना काल में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है इस दिशा में भी अधिकारी कर्मचारी कार्य करें। इसके साथ ही अमृत परियोजना के शेष कार्यो को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश प्रशासक श्री चौधरी द्वारा प्रदान किये।
दो दिनों में 16 संभागों में 1 हजार मकानो का सर्वेक्षण लगभग 300 से अधिक अवैध नल कनेक्शन धारियों को नोटिस जारीसमीक्ष बैठक के दौरान कार्यपालन यंत्री पुरूषोत्तम तिवारी ने प्रशासक श्री महेशचन्द्र चौधरी को अवगत कराया कि दिनांक 2 एवं 3 जुलाई को 16 संभागों के अंतर्गत जल विभाग के उपयंत्रियों के द्वारा 1 हजार मकानों का सर्वेक्षण किया गया, जहॉं 300 से अधिक अवैध नल कनेक्शन धारी पाए गये, जिन्हें नोटिस जारी कर तत्काल अवैध नल कनेक्शन को बैध कराने की कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि तीन दिवस के अंदर अवैध कनेक्शन को वैध नहीं कराया जाता है तो कनेक्शन को पृथक कर दिया जायेगा।

