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अभी तक था क्वार्टर अब होगा अपना घर, यह लोग होगें पात्र

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जबलपुर। अभी तक रेल कर्मी रेलवे के क्वार्टर में रह कर अपना जीवन यापन करते थे किन्तु अब उनको एनएफआईआर की पहल पर रेलवे की भूमि मिलने से उनमें हर्ष व्याप्त है इस भूमि में सबसे अधिक डी ग्रुप रेल कर्मियों को अधिक फायदा होगा।

इस संबंध में रेलमंत्री पीयूष गोयल के साथ एक मीटिंग के दौरान चर्चा में एनएफआईआर के महासचिव डॉ एम राघवैय्या ने रेलमंत्री को सुझाव दिया कि तुम्हारा अपना अपना घर के प्रस्ताव को एनएफआईआर मानता है तथा रेलवे की अतिरिक्तपड़ी खाली भूमि को रेल कर्मियों के लिए अपना मकान बनाने के लिए दिया जाना चाहिए। रेलमंत्री ने एनएफआईआर, डब्ल्यूसीआरएमएस के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि रेलवे की अतिरिक्त भूमि को रेल कर्मियों के लिए बिडिंग प्रोसेस के द्वारा दिया जा सकता है जिस पर रेल कर्मी अपना घर बना सके।

रेलमंत्री ने तत्काल रेलवे बोर्ड से इस प्रस्ताव पर विचार करने को कहा। एनएफआईआर के डॉ एम राघवैय्या ने यह भी कहा कि रेल कर्मियों की लार्सजेस स्कीम को पुनः प्रारंभ किया जाए जिससे रेल कर्मियों के बच्चों को नौकरी मिल सके इस प्रस्ताव पर भी रेलमंत्री ने रेलवे बोर्ड के मेम्बर स्टॉफ तथा डायरेक्टर जनरल कार्मिक को निर्देश दिया कि फेडरेशन के प्रस्ताव पर एटार्नी जनरल से चर्चा कर अमल में लाया जाए।
ज्ञातव्य है कि एनएफआईआर की रेलमंत्री के साथ आज 8 फरवरी को भी मीटिंग है जिसमें रेल कर्मियों से जुड़े मुद्दे एनपीएस की समाप्ति लार्सजेस स्कीम पुन प्रारंभ्ज्ञ करने एलडीसीई सभी के लिए चालू हो, ग्रुप बी में सीनयिर सुपरवाईजर्स की पदोन्नति, वेरी गुड से गुड सीआर करने की प्रक्रिया एवं पदोन्नति, एलआई स्टेपिंग अप, रनिंग स्टॉफ एलाउंस की शीघ्र घोषणा मेल लोको पायलट को 4600 ग्रेड पे, गार्डोंं की एंट्री ग्रेड पे 4200 रुपए, मिनिमम पे 26000 रुपए करने, फिटमेंट फार्मूला में सुधार इत्यादि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा होगी। उक्त जानकारी डब्ल्यूसीआरएमएस के महासचिव अशोक शर्मा ने दी। डब्ल्सूसीआरएमएस के अध्यक्ष डॉ आर पी भटनागर, कार्यकारी अध्यक्ष सीएम उपाध्याय, महासचिव अशोक शर्मा, सतीश कुमार, डी पी अग्रवाल, एस एन शुक्ला, अमित भटनागर, अब्दुल खालिक, वीरेन्द्र पांडे, मनोज अग्रवाल, एम एस पुरी, अनुज तिवारी, आर के यादव आदि संघ नेताओं ने एनएफआईआर के महासचिव डॉ एम राघवैय्या का रेल कर्मियों की ओर से हार्दिक आभार माना है।

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