Site icon Yashbharat.com

अब तो कुत्ते खोदकर खाने लगे शव, प्रशासन मौन जिम्मेदार कौन

dogdhoni 1

जबलपुर। शहर में मिलने वाली अज्ञात लाशों के अंतिम संस्कार के लिए पूर्व में तिलवाराघाट के पास प्रशासन द्वारा जगह उपलब्ध करायी गयी थी लेकिन वर्तमान में यह स्थिति है कि वहां इतनी लाशों का अंतिम संस्कार हो चुका है कि अब शवों के संस्कार के लिए जगह ही नहीं बची।

पिछले दो तीन दिनों में नर्मदा पानी उतरने के बाद तीन चार अज्ञात लाशों को गड्डा खोदकर एक के ऊपर एक दफना दी थीं। जिसमें से एक लाश को आज कुत्तों ने खोदकर बाहर निकाल लिया और उसे खाने में जुट गए। यहां यह उल्लेखनीय है कि शहर में अज्ञात शवों के संस्कार के लिए जगह की कमी है जिसके कारण सामाजिक संस्थाएं जो अज्ञात शवों का संस्कार करती हैं उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

तिलवारा में तो यह स्थिति है कि जो जगह उपलब्ध करायी गयी थी वहां अब शव के अंतिम संस्कार की कौन कहे पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।

इस संबंध में मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर और उनके साथियों ने अनेक बार शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित भी कराया लेकिन अधिकारियों से उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला यहां एक बात ओर उल्लेखनीय है कि यदि विक्टोरिया या मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में किसी अज्ञात की मौत हो जाती है तो उसके अंतिम संस्कार के लिए मोक्ष संस्था और गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों को पुलिस बुलवाती है तथा उनसे कहती है कि मृतकों का शव लेजाकर उनका अंतिम संस्कार कर दो।

अनेक बार शहर में कई जगहों पर भी अज्ञात शव मिलते हैं जिनकी अंतिम संस्कार के लिए भी इस कार्य में लगी संस्थाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर ने प्रशासन एक बार फिर मांग की है कि अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार हेतु व्यवस्थित और पर्याप्त जगह उपलब्ध करायी जाए ताकि यदि किसी अज्ञात व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसका अंतिम संस्कार तो ढंग से किया जा सके।

Exit mobile version